2025 की खरीफ फसल खराबे का मुआवजा और मुख्यमंत्री आपदा राहत राशि अब तक नहीं मिलने से नाराज किसानों ने मंगलवार को एसडीएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। आस पास के इलाकों से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर रैली के साथ उपखंड कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम के अजमेर में एक मीटिंग में होने के बावजूद किसान घंटों तक एसडीएम ऑफिस के बाहर डटे रहे। शाम पांच बजे एसडीएम रजत यादव किशनगढ़ पहुंचे। इसके बाद किसानों ने ज्ञापन देकर धरना उठा लिया। प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया कि सात में अधिकारियों की कमेटी बनाकर रिपोर्ट आने के बाद किसानों को हर संभव मदद दी जाएगी। एसडीएम ऑफिस के बाहर दिया धरना
इससे पहले किसान सैकडों की संख्या में एसडीएम ऑफिस पहुंचे। मगर एसडीएम रजत यादव मीटिंग में शामिल होने के लिए अजमेर गए थे। इस पर किसान अपनी मांगों को लेकर एसडीएम से मिलने पर अड़ गए। इसके बाद ऑफिस परिसर के बाहर धरने पर बैठकर इंतजार करते रहे। उनका कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
3 तस्वीरों में देखें किसानों का प्रदर्शन… फसल खराब मुआवजे की मांग
किसान महापंचायत के जिलाध्यक्ष प्रहलाद खुरड़िया ने बताया-2025 की खरीफ फसल अतिवृष्टि और मौसम की मार से खराब हो गई थी, लेकिन अब तक न तो फसल खराबे का मुआवजा मिला है और न ही मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष के तहत देय राशि का भुगतान किया गया है। यही कारण है कि किसान मजबूर होकर सड़कों पर उतरने को विवश हुए हैं। उनके नेतृत्व में सैकडों किसान मंगलवार को किशनगढ़ पहुंचे। तीन पुलिस थानों का जाप्ता तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। आईपीएस अजेय सिंह के नेतृत्व में तीन थानों का पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर निर्णय नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।एसडीएम ऑफिस के बाहर 12 बजे से शुरू हुआ धरना शाम 6 बजे एसडीएम से मुलाकात के बाद समाप्त हुआ।


