किशनगढ़ में रामलीलाओं का मंचन शुरू:“एक शाम राम और राष्ट्र के नाम” थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ

किशनगढ़ के सावंतसर और पुराना शहर में भव्य रामलीला आयोजनों का शुभारंभ हुआ। सावंतसर स्थित बजरंग रंगमंच रामलीला मैदान में बजरंग नवयुवक रामलीला मंडल द्वारा आयोजित रामलीला इस वर्ष अपने 50 वर्ष पूरे कर रही है। स्वर्ण जयंती अवसर पर इसका आगाज़ “एक शाम राम और राष्ट्र के नाम” थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया ने फीता काटकर एवं भगवान विष्णु-लक्ष्मी की आरती उतारकर रामलीला का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शंकरलाल यादव (प्रो. कुमकुम होटल) ने की। विशिष्ट अतिथियों में घीसालाल भडाणा, रघुनाथ चुंडीवाल, हरदीन तंवर, देवकरण बुगालिया और राजेश चाड़ शामिल रहे। मंडल अध्यक्ष श्यामसुंदर वैष्णव और सांस्कृतिक संयोजक हिम्मतसिंह शेखावत सहित मंडल के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। रामलीला 3 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात 8 बजे मंचित होगी, जिसमें राजस्थान के सुप्रसिद्ध व स्थानीय कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, किशनगढ़ के पुराना शहर में श्रीरामकृष्ण मंडल के तत्वावधान में 110वीं रामलीला का शुभारंभ सोमवार रात शिव-पार्वती विवाह प्रसंग से हुआ। यह मंचन 3 अक्तूबर तक चलेगा और समापन रामराज्याभिषेक के साथ होगा। मंडल सचिव मंघाराम रामचंदानी और साकेत कालानी ने बताया कि इस बार वरिष्ठ सदस्य भी अभिनय करेंगे ताकि नई पीढ़ी को उनसे सीखने का अवसर मिले। लीला का निर्देशन गिरधर पुरोहित और प्रेमप्रकाश पुरोहित कर रहे हैं। तैयारियों में युवाओं की टीम विशेष रूप से सक्रिय रही। इसमें 22 सितम्बर को शिव विवाह, नारद मोह, 23 सितम्बर को श्रीराम जन्म, ताड़का वध, 24 सितम्बर को पुष्प वाटिका, सीता-राम विवाह, 25 सितम्बर को कैकेयी-राम वनवास, 30 सितम्बर को सुंदरकांड, अशोक वाटिका, लंका दहन, 3 अक्टूबर को सीता अग्नि परीक्षा, रामराज्याभिषेक मंचित होगा। दोनों आयोजनों में भक्तिरस और सांस्कृतिक उत्साह का समन्वय देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में रामकथा के साक्षी बनने पहुंच रहे हैं।

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