किशोर रेस्टोरेंट के संचालक पुत्र पर धोखाधड़ी का केस:ट्रेनों में दूसरी फर्म के नाम से 2 साल की खाने की डिलेवरी, एफआईआर

इटारसी के प्रसिद्ध न्यू किशोर रेस्टोरेंट के संचालक रुद्राक्ष दुबे पर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर IRCTC के जरिए ट्रेनों में भोजन सप्लाई करने का धोखाधड़ी का गंभीर मामला दर्ज हुआ है। रुद्राक्ष पर आरोप है कि उन्होंने अपने परिचित धर्मेंद्र मेहरा की फर्म “टन्नी फूड्स” के दस्तावेज बिना अनुमति के इस्तेमाल करते हुए दो साल तक रेलवे में उनका नाम उपयोग कर ऑर्डर लिए और खुद की होटल से खाना सप्लाई करते रहे। यह मामला लगभग 15 महीने तक जांच में दबा रहा, लेकिन GRP इटारसी ने आखिरकार 10 सितंबर को IPC की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत FIR दर्ज की। आरोपी को इस बीच अग्रिम जमानत मिल चुकी है। कैसे हुआ खुलासा — ट्रेन में मिला बिल और फूटी दोस्ती
फरियादी धर्मेंद्र मेहरा के अनुसार—रुद्राक्ष कई साल पहले उनकी इटारसी स्थित पुरानी दुकान पर आता था, वहीं दोस्ती हुई। धर्मेंद्र ट्रेन में खाना सप्लाई का IRCTC कॉन्ट्रैक्ट लेने की कोशिश कर रहे थे, जिसके लिए उन्होंने रुद्राक्ष को अपने दस्तावेज दिए। कुछ महीनों बाद जब धर्मेंद्र ने आवेदन की स्थिति पूछी तो रुद्राक्ष ने टालते हुए कहा कि “एप्लीकेशन कैंसिल हो गया।” लेकिन मामला तब खुला, जब 22 मई 2024 को स्टेशन के एक वेंडर ने धर्मेंद्र को बताया कि “आपकी होटल का बिल मिला है, ट्रेन में खाना सप्लाई हो रहा है।” जब बिल देखा गया तो पता चला कि “टन्नी फूड्स” के नाम पर खाना तो सप्लाई हो रहा है, लेकिन वह भेजा जा रहा है न्यू किशोर रेस्टोरेंट से। धर्मेंद्र के अनुसार उन्होंने रुद्राक्ष से कहा कि दस्तावेजों का दुरुपयोग करने का प्रतिफल उन्हें भी मिलना चाहिए, लेकिन रुद्राक्ष तैयार नहीं हुआ। इसके बाद 16 जून 2024 को GRP में शिकायत कर दी। “दो साल से मेरे नाम पर खाना बेच रहा था”—फरियादी का आरोप
धर्मेंद्र मेहरा का कहना है रुद्राक्ष ने 2 साल तक उनके नाम पर रेलवे में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की। यदि इस दौरान खराब भोजन की कोई शिकायत हुई होगी तो उसकी जिम्मेदारी रुद्राक्ष की है। उच्च अधिकारियों को आवेदन देने के बाद DSP रेल ने जांच की और फिर FIR दर्ज हुई। रेस्टोरेंट पक्ष बोले—मदद करने की गलती कर दी
आरोपों पर रुद्राक्ष के चाचा रामकिशोर दुबे ने कहा “हमने दोस्त की मदद की और हमें उसका फल मिल गया। हमारी गलती सिर्फ इतनी थी कि हमने उस पर भरोसा किया।” 15 महीने बाद FIR, अब जल्द पेश होगा चालान
जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे ने पुष्टि की कि मामला दर्ज करने के बाद अब जल्द ही न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा।

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