किसकी जिद-किसका फैसला:निगम का देर रात फरमान, तड़के हटाएंगे दुकान, दुकानदारों में आक्रोश

साइंस कॉलेज चौपाटी को हटाकर नालंदा परिसर बनाने की जिद के चलते निगम प्रशासन ने शुक्रवार शाम 6 बजे दुकानदारों को मौखिक आदेश जारी कर दिया। कहा गया कि शनिवार सुबह 5-6 बजे तक दुकानें हटानी होंगी, इसलिए तैयारी कर लें और सामान बांध लें। अचानक जारी हुए इस फरमान से चौपाटी की 60 दुकानों के व्यापारी चिंतित भी हैं और निगम प्रशासन से आक्रोशित भी। चौपाटी को महज दो साल पहले 10 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया था। नालंदा-2 निर्माण को लेकर 7 नवंबर से जारी संशय के बाद 21 नवंबर को निगम ने शिफ्टिंग पर मुहर तो लगा दी, लेकिन जिस तरह से कार्रवाई की गई, वह बेहद विवादास्पद रही। वेंडरों को नोटिस जरूर भेजा गया, लेकिन न तो वेंडर ने दुकानदारों को पहले सूचित करना उचित समझा और न ही निगम ने शिफ्टिंग के लिए पर्याप्त समय दिया। इस संबंध में निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि जिद के चलते भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार चौपाटी को डर और बल से हटाने पर उतारू है। इसके लिए शुक्रवार रात तुगलकी फरमान जारी की जाती है कि शनिवार सुबह दुकान हटा देंगे। यह उन 60 दुकानदारों के साथ अन्याय है। इसके लिए हम लड़ाई लड़ेंगे। विधायक राजेश मूणत के घर के सामने धरने पर बैठे व्यापारी। साथ में कांग्रेस नेता भी।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय कार्यकर्ताओं के साथ चौपाटी में विरोध-प्रदर्शन करते रहे। तुगलकी फरमान पर अमल हुआ तो यह चौपाटी की अंतिम तस्वीर जहां पर शिफ्टिंग होनी थी, उसी जमीन पर रेलवे ने किया दावा
निगम ने चौपाटी को आमानाका ब्रिज के नीचे शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। लेकिन रेलवे ने भी उस जमीन को अपना बताकर 10 नवंबर को वहां संचालित दुकानदारों को जगह खाली करने का आदेश जारी कर दिया। निगम ने रेलवे से बात हो जाने का दावा करते हुए शुक्रवार शाम दुकानदारों को सिर्फ 12 घंटे की मोहलत देकर शिफ्टिंग का आदेश दे दिया। मुझे पता नहीं, पूछकर बताता हूं
इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर उच्च अधिकारियों ने चौपाटी के लिए परमिशन दिया हो तो सुबह ही बात करके बता पाऊंगा। – अवधेश कुमार त्रिवेदी, सीनियर डीसीएम, रेलवे रेलवे प्रशासन से हो गई बात
हमारी रेलवे प्रशासन से बात हो गई है। शिफ्टिंग निर्धारित जगह पर होगी। शनिवार सुबह शिफ्टिंग कार्य किया जाएगा। -विश्वदीप, निगम आयुक्त जगह खराब, व्यवसाय कैसे होगा
आनंद टेटे (चाय-कॉफी दुकान संचालक): हमें न वेंडर ने बताया, न निगम ने। शाम 6 बजे आकर कहते हैं दुकान हटाओ। नई जगह ही गलत है, वहां व्यवसाय कैसे चलेगा? दो दलों की राजनीति, हम पिस रहे
स्वप्निल दास (आइसक्रीम व्यवसाय): चौपाटी हटाने और नालंदा-2 को लेकर दो दलों की राजनीति चल रही है। एक महीने भी नहीं हुआ दुकान खोले, और शाम को अचानक आदेश दे दिया कि सुबह दुकान हटानी है। स्लम एरिया, कैसे आएंगे ग्राहक
सोनू (फास्टफूड दुकान संचालक): शिफ्टिंग वाली जगह स्लम है, अड्डेबाजी होती है। वहां न स्टूडेंट्स आएंगे न परिवार। हमारा भविष्य क्या होगा, यही चिंता है।

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