सीजीपीएससी-2024 टॉप-10 में दो लड़कियां:पीएससी में देवेश टॉपर, पहले तीन स्थान पर भिलाई के अभ्यर्थी; सरगुजा के किसान ने सब्जी बेचकर बेटी चंचल को पढ़ाया

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी)-2024 के नतीजे देर रात जारी हुए। इसमें देवेश प्रसाद साहू ने टॉप किया है। टॉप 3 में देवेश के साथ भिलाई के ही स्वप्निल वर्मा और यशवंत देवांगन हैं। तीनों इंजीनियर हैं। सरगुजा जिले में सब्जी बेचने वाले की बेटी चंचल पैकरा ने अनुसूचित जनजाति वर्ग में टॉप किया है। बताया जा रहा है कि बेटी की पढ़ाई के लिए उन्होंने अपनी जमीन भी बेच दी थी। सरगुजा के मयंक मंडावी ने एसटी कैटेगरी में दूसरा स्थान हासिल किया है। पिछली बार पीएससी में हुई गड़बड़ी को देखते हुए सीजी पीएससी ने इंटरव्यू के लिए नई प्रणाली विकसित की थी। पहली बार फेसलेस इंटरव्यू सिस्टम लागू किया गया। बता दें कि सीजीपीएससी ने 17 सेवाओं के लिए 246 पद के लिए भर्ती निकाली थी। प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों के आधार पर लिखित परीक्षा के लिए 3737 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। मेंस परीक्षा के बाद 643 को साक्षात्कार के लिए बुलाया था। टॉपर्स मंत्रा- टॉपर देवेश बोले- सोशल मीडिया से बनाए रखी दूरी तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। घर में बैठकर तैयारी की। इसमें एआई का सहयोग लिया। इससे कंटेंट फिल्टर होकर मिले। सिर्फ अपने कोर्स पर पूरा फोकस बनाए रखा। किसी और चीज पर ध्यान नहीं दिया। पढ़ाई का तनाव दूर करने के हर दिन करीब तीन किलोमीटर रनिंग की। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार में उनसे छत्तीसगढ़ की पांच विशेषताएं, गरीबी उन्मूलन और शराब बंदी के संबंध में सवाल पूछे गए थे। ऑनलाइन परीक्षा से प्रेक्टिस की, इंटरव्यू की तैयारी दोस्तों के साथ ग्रुप बनाकर की: यशवंत
यशवंत ने बताया कि मेरा फोकस सिर्फ परीक्षा की तैयारी पर रहा। मैं ऑनलाइन परीक्षा देता रहा। कभी सवाल बनाकर उसे हल करता था। इससे प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी और टाइम मैनेजमेंट में सहयोग मिला। इंटरव्यू के लिए दोस्तों का समूह बनाकर तैयारी की। इससे सवालों के जवाब देने में आसानी होती रही। इसके अलावा इंजीनियिरंग के सवालों से काफी आसानी हुई। आरटीआई से अपने पुराने पीएससी एग्जाम की निकाली कॉपी, कमियां दूर की: पारस
जशपुर निवासी पारस शर्मा ने चौथे प्रयास में 5वीं रैंक हासिल की। उन्होंने बताया कि 2019 से तैयारी शुरू की। अभी नायब तहसीलदार के पद पर कुसमी बलरामपुर में पदस्थ हैं। रैंक कम होने से थोड़ा घबरा गया और आरटीआई से अपनी पूर्व में दी गई पीएससी परीक्षा की उत्तरपुस्तिका हासिल की। उसमें किस तरह से उत्तर लिखने पर ज्यादा अंक मिलें इससे तैयारी की। टॉपर को 51.5%, ये 10 साल में टॉपर के सबसे कम अंक
सीजीपीएससी-2024 के टॉपर देवेश को 1500 में से 773.5 (51.5 %) अंक मिले हैं। खास बात यह है कि पिछले 10 वर्षों में टॉपर का यह स्कोर सबसे कम है। इस परीक्षा का स्तर कितना कठिन था। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि पिछले वर्षों के टॉपर ने 800 से अधिक अंक प्राप्त किए थे। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले दो साल को छोड़ दें तो 55% से अधिक अंक हासिल करने वाले टॉपर बने हैं। 2020 और 2022 के टॉपर ने हजार से अधिक का स्कोर हासिल किया। दो प्रश्न पत्र कठिन आए थे, इसलिए अंक कम मिले एक्सपर्ट: अंकित अग्रवाल, PSC कोचिंग विशेषज्ञ पीएससी 2024 कई मामले में टफ रहा। इस बार प्रश्न-पत्र कठिन था। कॉपियों की जांच भी सख्त हुई। इसी तरह 2022 तक इंटरव्यू 150 अंकों का होता था। इसमें बदलाव हुआ। अब यह 100 अंकों का है। वहीं, जहां पहले 1550 नंबर पर मेरिट बनती थी, अब 1500 पर बनती है। मेंस में सात पेपर होते हैं। पेपर 5 और 7 कठिन थे। इसमें अभ्यर्थियों को कम अंक मिले। दो साल की मेरिट से देखकर कहा जा सकता है कि अभ्यर्थियों को और गंभीरता दिखानी होगी।

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