भास्कर न्यूज | जशपुरनगर प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सेंट्रल नोडल अधिकारी पी. अंबलगन की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभागार में योजना के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जशपुर जिला देश के 100 पिछड़े जिलों में शामिल है, जहां कृषि को लाभप्रद व्यवसाय बनाने के लिए एकीकृत कृषि मॉडल और नवाचारों का उपयोग बेहद आवश्यक है। बैठक में अंबलगन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए किसानों को नई तकनीकों और विविध कृषि गतिविधियों से जोड़ना होगा। अंबलगन ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जिसमें फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मुर्गी एवं बकरी पालन, तथा वानिकी गतिविधियों को शामिल कर किसानों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सकती है। बैठक में किसानों को वित्तीय समावेशन से जोड़ने के लिए गांव-गांव अभियान चलाने पर बल दिया गया, ताकि अधिक से अधिक किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण सुविधा प्राप्त कर सकें। मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए जाने के लिए किसानों को जागरूक करने तथा उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग पर भी जोर दिया गया। अंबलगन ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सभी किसानों को जोड़ा जाए और स्टोरेज हाउस निर्माण पर मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए।


