किसानों को जीवामृत, बीजामृत, नीमस्त्र, दशपर्णी अर्क की प्राकृतिक खेती की प्रायोगिक प्रदर्शनी दिखाई

भास्कर न्यूज |सूरवाल कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा टीएसपी योजना के तहत पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक खेती पर क्षमता निर्माण के लिए 7 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. बीएल मीना ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपयोग से मृदा के स्वास्थ्य तथा उर्वरता में जो कमी हो रही है उसके लिए प्राकृतिक खेती की क्षमता विकास हेतु इस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। जिसमें केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा प्रायोगिक सत्रों सहित केंद्र की इकाई भ्रमण व केंद्र के जीवंत कार्यों को कृषकों के समक्ष क्षमता विकास हेतु सिखाए जा रहे है। केंद्र की शस्य वैज्ञानिक डॉ. नूपुर शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण में कृषकों को प्राकृतिक खेती के सभी घटकों जीवामृत, बाजामृत, नीमस्त्र, दशपर्णी अर्क आदि का प्रायोगिक प्रदर्शन कृषकों की दिखाया गया है। केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. सुरेश बैरवा ने कृषकों को केंद्र पर चल रहे प्राकृतिक खेती इकाई सहित केंद्र द्वारा प्राकृतिक खेती की विस्तृत जानकारी दी। केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. चमन दीप कौर ने कृषकों को अमरूदों के मूल्य संवर्धन की जानकारी दी। इसमें लगभग जिले के 35 कृषकों ने भाग लिया। प्राकृतिक खेती के अग्रणी कृषक बत्तीलाल मीना भी इसमें मौजूद थे। केंद्र के सुनील मीना, महेंद्र चौधरी ने प्रशिक्षण के समापन में योगदान दिया।

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