गांवों की सड़कों, खेत, किसान, आंगनबाड़ी केंद्र और शिक्षा पर सरकार का फोकस है। किसानों के लिए 500 करोड़ की सब्सिडी योजना लाई गई है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 3200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। झारखंड कृषि समृद्धि योजना में किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल की गई है। वहीं, सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बजट में 6500 करोड़ रुपए दिए गए हैं। छात्रों को मुफ्त शिक्षा सामग्री और डिजिटल शिक्षा देने की योजना है। ग्रामीण सड़क योजना को गति देने के लिए 4500 करोड़ रुपए दिए गए हैं। कृषि विभाग के लिए 4587.66 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। मोटे अनाज की खेती के लिए 1 लाख किसानों को अनुदान दिया जाएगा। स्वरोजगार के अंतर्गत युवाओं को मछली पालन से जोड़ने की योजना है। 2,500 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का निर्माण होगा। अभी 38,523 केंद्र चल रहे हैं। 7,700 आंगनबाड़ी केंद्र में टेबुल, कुर्सी के लिए 250.17 करोड़ रुपए दिए गए हैं। 200 सरकारी या निजी तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। 8400 लाभुकों के बीच मिनी ट्रैक्टर, पावर टीलर, पंप सेट का वितरण किया जाएगा। वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजनाउच्च शिक्षा के लिए अनाथ और दिव्यांग छात्रों को हर माह मिलेंगे 4 हजार रुपए राज्य सरकार 2025-26 वित्तीय सत्र से वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना शुरू कर रही है। इसके अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए अनाथ और दिव्यांग छात्रों को 4 हजार रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। ट्यूशन फीस के रूप में 10 लाख रुपए तक दिए जाएंगे। किसानों की प्रमुख योजनाओं के लिए बजट आवंटन उद्यमियों के लिए बनेगा एमएसएमई सेल… राज्य सरकार उद्यमियों के लिए एमएसएमई सेल बनाएगी। बोकारो, गिरिडीह, कांड्रा, सिंदरी, आदित्यपुर, जसीडीह, देवीपुर औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। चास, गिरिडीह, धनवार, कपाली, गुमला, लोहरदगा, विश्रामपुर बड़हरवा श्री वंशीधर नगर, छत्तरपुर और हरिहरगंज में जलापूर्ति परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। गांव और शहर के बीच संतुलन बनाने की कोशिश… आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूल पर फोकस


