खंडवा जिले में ‘एक जिला एक उत्पाद’ कार्यक्रम के तहत किशोर कुमार सभागृह में स्टार्टअप इंडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान स्थानीय उन्नत किसानों ने अपने कृषि उत्पादों का प्रदर्शन किया, जबकि महिला स्वयं सहायता समूहों ने कृषि उत्पादों से तैयार सामग्री की प्रदर्शनी लगाई। जिला प्रशासन के अनुसार, खंडवा में आयोजित यह कार्यशाला प्रदेश की पहली इस तरह की पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाकर उनकी आय बढ़ाना है। खंडवा विधायक कंचन तन्वे ने कहा कि जिले में प्याज को ‘एक जिला एक उत्पाद’ के रूप में चुना गया है। प्याज को सीधे बाजार में बेचने के बजाय उसकी प्रोसेसिंग कर अन्य उत्पाद बनाकर बेचना अधिक लाभकारी है। उन्होंने नई प्याज भंडारण तकनीकों का भी उल्लेख किया, जिससे प्याज को लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकता है। वहीं, पंधाना विधायक छाया मोरे ने नियमित रूप से ऐसी कार्यशालाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘इंटरनेट से बढ़ाएं उत्पादन और आय’ महापौर अमृता यादव ने किसानों को खेती की नई तकनीकें सीखने और अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान अपने उत्पादन और आय में वृद्धि कर सकते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेडे ने कहा कि कार्यशाला किसानों के लिए मार्गदर्शक साबित होगी और इससे उन्हें अपनी कृषि आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। ‘पारंपरिक खेती छोड़ उद्यानिकी अपनाएं’ कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्र और जैविक खेती अपनाने से किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सलाह दी कि पारंपरिक फसलों के बजाय उद्यानिकी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। पुणे के विशेषज्ञों ने दी जानकारी कार्यशाला में पुणे के विशेषज्ञ डॉ. भूषण और डॉ. तृप्ति सिंह ने प्याज उत्पादन और प्रोसेसिंग से अधिक लाभ कमाने की तकनीक पर जानकारी दी। वहीं, अरनव मिश्रा ने मध्यप्रदेश की उद्योग प्रोत्साहन और स्टार्टअप नीतियों के बारे में जानकारी साझा की। कार्यक्रम का संचालन संदीप जोशी ने किया।


