किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मिलने जा रहे किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया, कैंट में आम लोगों की एंट्री बैन

भास्कर न्यूज | जालंधर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों को बुधवार रात पंजाब पुलिस ने बॉर्डर से हटा दिया। वीरवार को किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर को नजरबंद कर दिया गया। इससे पहले बुधवार रात 12 बजे के बाद जगजीत सिंह डल्लेवाल को जालंधर पिम्स में लाया गया। इसके बाद कैंट स्थित पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में आर्मी की निगरानी में रखा गया। सुबह पांच बजे ही कैंट में जाने वाले हरेक रास्ते पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। स‌भी वाहनों की चेकिंग की गई। खासतौर पर आम पब्लिक की भी एंट्री बैन कर दी गई। केवल कैंट में रहने वाले लोगों को ही दाखिल होने दिया जा रहा है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन सिद्धपुर के नेता कुलविंदर सिंह जब जगजीत सिंह डल्लेवाल को साथियों समेत मिलने कैंट जा रहे थे तो रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। किसान नेताओं ने कहा कि उन्हें पुलिस अधिकारियों के फोन आ रहे हैं कि घरों के अंदर ही रहें और प्रदर्शन करने के लिए बाहर न निकलें। बाहर आए तो गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। दूसरी तरफ शाहकोट व मेहतपुर में एसडीएम दफ्तरों का घेराव करते हुए यूनियन के सदस्यों ने कहा कि जिस तरह से पंजाब सरकार ने किसानों के साथ धक्केशाही की है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कैंट के लोगों ने कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल के कारण कैंट के एंट्री पॉइंट पर वीरवार सुबह पंजाब पुलिस तैनात कर दी गई। जहां पहले आर्मी चेकिंग करती थी, वहां पंजाब पुलिस है। खनौरी में हुई पुलिस कार्रवाई को जहां कई लोगों ने सही ठहराया तो कई ने धक्केशाही बताया। शाहकोट/मेहतपुर| किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर वीरवार को शाहकोट में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब और मेहतपुर में किरती किसान यूनियन ने भगवंत मान सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों पर किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ मेहतपुर में मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका। संगोवाल टोल प्लाजा व मेहतपुर-जगराओं रोड पर धरना देते हुए यूनियन के नेताओं ने गिरफ्तार किए गए किसानों को बिना शर्त रिहा करने की मांग की। इसके साथ ही विरोध-प्रदर्शन में पुलिस द्वारा नष्ट और जब्त की गई संपत्ति को किसानों को वापस देने की भी मांग की। किरती किसान यूनियन के जिला नेता राजिंदर सिंह मंड और पूर्व सरपंच बुचन सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार केंद्र के मोहरे के रूप में काम कर रही है और कॉर्पोरेट समर्थक फैसले लागू करने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत किसान आंदोलन पर अत्याचार किया जा रहा है। सरकार किसान आंदोलन को कुचलने की राह पर है। पंजाब के किसान अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, शाहकोट में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने शाहकोट एसडीएम कार्यालय घेरकर रोष-प्रदर्शन किया। इस मौके पर मौजूद प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह जानियां और जिला अध्यक्ष गुरमेल सिंह रेड़वा ने कहा कि जब तक सरकार किसान नेताओं को बिना शर्त रिहा नहीं करेगी, संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार मांगें मानने की बजाय धरने को रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। इस मौके पर जिला सचिव हरजिंदर सिंह नंगल अंबियां, जगदीश पाल चक बाहमनियां, सतनाम सिंह रायवाल, शेर सिंह रामे, जगतार सिंह चक बंडाला, हरफूल सिंह मौजूद रहे। मेहतपुर में मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते (दाएं) शाहकोट में एसडीएम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करते किसान।

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