कुंदा नदी में अवैध रेत खनन से गहरे गड्ढे बने:सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के बाद भी खरगोन में कार्रवाई नहीं; हादसों का खतरा

खरगोन जिले की कुंदा नदी में अवैध रेत खनन के कारण गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे हादसों का डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कुंदा नदी के ऊपरी क्षेत्रों जैसे भसनेर, कुम्हारखेड़ा, पेनपुर और उमरखली में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई दिनों से तीन-चार जेसीबी मशीनों का उपयोग कर लगातार रेत निकाली जा रही है। अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
स्थानीय लोगों ने खनिज विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। दशरथ राठौर नामक एक निवासी ने बताया कि नदी के पानी से रेत निकालने के कारण गहरे गड्ढे हो गए हैं और लगातार उत्खनन से नदी का बहाव भी बदल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि खनन में राष्ट्रीय हरित न्यायालय के प्रावधानों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने अवैध उत्खनन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में, खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि चिह्नित क्षेत्रों का मौका मुआयना कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। एक दशक पहले 12 महीनों पानी बहता था
स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक दशक पहले कुंदा नदी में पूरे 12 महीने पानी बहता था। हालांकि, अब देजला देवाड़ा और खारक डैम से पानी न छोड़े जाने पर नदी सूख जाती है। खरगोन नगर पालिका द्वारा डैम से पेयजल छोड़े जाने पर भी इसे शहर तक पहुंचने में तीन-चार दिन लग जाते हैं।

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