कुंभ में एमपी के कितने लोग मरे,आंकड़ा जारी करे सरकार:पीसीसी चीफ पटवारी ने प्रयागराज हादसे पर कहा- सरकार मौतों को छिपा रही

प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर कुंभ में हुई भगदड़ में लोगों की मौत के आंकड़े पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवाल उठाए हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस हादसे को छिपाने की कोशिश की है और केवल 30 मौतों की बात कर रही है, जबकि असल में भगदड़ में सैकड़ों लोग मारे गए हैं। पटवारी ने यह भी कहा कि सरकार सच्चाई छिपाकर इस हादसे पर लीपापोती कर रही है। पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की चुप्पी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार मध्यप्रदेश के मृतकों के आंकड़े क्यों नहीं सार्वजनिक कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार को यह खुलासा करना चाहिए कि कुंभ मेले में कितने मध्यप्रदेश के लोग मरे हैं। मौत का आंकड़ा बताने में एक दिन का वक्त क्यों लगा? पटवारी ने कहा कि हादसे के बाद प्रशासन ने यह बताया कि अखाड़ा मार्ग पर भीड़ बढ़ने के कारण भगदड़ मच गई, जिससे श्रद्धालु घायल हो गए और कई की मौत हो गई। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े आयोजन में जहां 8 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए, वहां इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी है? 8 हजार कैमरे, एआई इंटेलिजेंस, और पुलिस प्रशासन का खुफिया तंत्र कहां था? पटवारी ने यह भी कहा कि मौतों के आंकड़े बताने में सरकार को एक दिन से अधिक वक्त क्यों लगा? हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए, लेकिन शवों को एंबुलेंस नहीं मिली पटवारी ने यह भी कहा कि कुंभ मेले में जहां हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए, वहीं मृतकों को ले जाने के लिए एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस हादसे के आंकड़ों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों को न तो डेट सर्टिफिकेट दिए गए और न ही कोई सरकारी दस्तावेज, महज खानापूर्ति के लिए हाथ से लिखा कागज दिया जा रहा है। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के विदिशा, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रायसेन और अन्य जिलों के लोग भी इस हादसे का शिकार हुए हैं। उन्होंने एक और मामले का उल्लेख किया, जिसमें नर्मदापुरम के एक परिजन को अपने भाई का शव लाने के लिए खुद 40 हजार रुपये खर्च करने पड़े, क्योंकि सरकार ने कोई मदद नहीं की। पटवारी ने मप्र सरकार से सवाल किया कि कितने लोग मरे, कितने लापता हैं और कितने लोग अभी भी इलाज के लिए अस्पतालों में हैं, इस पर स्पष्ट आंकड़ा क्यों नहीं जारी किया जा रहा है। ये खबर भी पढ़ें… 49, 61 या 100, भगदड़ में मौतों का आंकड़ा क्या:महाकुंभ में एक नहीं 3 जगह भगदड़ हुई, GT रोड पर भी 5 मरे महाकुंभ में 28 जनवरी की देर रात करीब 1:30 बजे संगम नोज इलाके में भगदड़ हुई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 30 लोगों की मौत हुई है और 60 लोग घायल हैं। भगदड़ सिर्फ एक जगह हुई और मरने वालों की संख्या सिर्फ 30 है, ये दोनों ही बातें सवालों के घेरे में है। दैनिक भास्कर ने इसकी छानबीन की। प्रशासन के दावों और आंकड़ों में कई लूप-होल्स नजर आते हैं। 29 जनवरी को कहा गया कि 30 मौतें हुई हैं, 25 की पहचान हो गई है। 30 जनवरी को भास्कर रिपोर्टर को मोतीलाल नेहरू कॉलेज की मोर्चरी में 24 लावारिस शव रखे मिले। अगर इनमें से बीते दिन के 5 लावारिस शव घटा भी दें, तो भी नई 19 लाशें सामने थीं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 49 हो जाती है। पूरी खबर पढ़ें…

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