राजिम| शासकीय स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के नाम पर राज्य सरकार ने शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया था। लेकिन सरकार ने स्कूलों के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की जानकारी संकलित कर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा निगम को देने का अजीबोगरीब फरमान जारी किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं संभाग अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर, जिला अध्यक्ष एम एल तारक, विकास खण्ड अध्यक्ष यशवंत कुमार साहू, जिला कोषाध्यक्ष सोहनलाल सेन, ब्लाक सचिव शोभा राम साहू,आरडी साहू, सुनीता यादव, अंजनी यादव, आशा ध्रुव ने सरकार से पूछा है कि क्या स्कूलों में बच्चों को विषय ज्ञान देना अत्यावश्यक सेवा नहीं है?


