कुरुक्षेत्र पहुंचे पूर्व क्रिकेटर अजय रात्रा:पिता की शांति के लिए पिंडदान किया; सबसे कम उम्र में टेस्ट शतक बनाया; 2015 में संन्यास

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर और बीसीसीआई चयन समिति के सदस्य कुरुक्षेत्र के पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ पहुंचे। विकेटकीपर और बल्लेबाज अजय रात्रा ने अपने पिता ओम प्रकाश रात्रा की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया और उनकी मोक्ष प्राप्ति के लिए पूजा-अर्चना करवाई। अजय रात्रा के साथ उनके छोटे भाई संजय रात्रा और चाचा सुजान रात्रा भी मौजूद रहे। तीर्थ पुरोहित पंडित देवदत्त मुदगिल ने सरस्वती तीर्थ पर उनके पिता के लिए विधिवत तर्पण और अनुष्ठान संपन्न कराया। उनके पिता ओम प्रकाश रात्रा का पिछले महीने 14 जनवरी को निधन हो गया था। 20 साल की उम्र में टेस्ट शतक बनाने वाले विकेट कीपर अजय रात्रा टेस्ट क्रिकेट में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के विकेट कीपर थे। उन्होंने मात्र 20 साल की उम्र में शतक जड़ा था। इसके अलावा विदेशी धरती पर शतक बनाने वाले पहले भारतीय विकेट कीपर थे। साल 2002 में चोटिल होने के बाद, उनकी जगह पार्थिव पटेल को टीम में शामिल किया गया था। 19 जनवरी 2002 को इंग्लैंड के खिलाफ रात्रा ने अपना वनडे डेब्यू किया था। जुलाई 2015 में उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। सरस्वती तीर्थ का महत्व सरस्वती तीर्थ मुक्ति धाम के नाम से विश्व विख्यात है। देश-विदेश से लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करने आते हैं। इस तीर्थ का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है। चैत्र में यहां चैत्र चौदस का मेला लगता है, जिसमें 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए आते हैं। यहां तीर्थ पुरोहितों के पास विभिन्न समुदाय की वंशावली का 300 साल से ज्यादा का रिकॉर्ड बहियार में दर्ज है।

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