भास्कर न्यूज | अमृतसर शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर नगर निगम ने थ्री आर कंपनी के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता एडिश्नल निगम कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने की। बैठक में जोन-वार कूड़ा एकत्रित करने के कार्य की विस्तृत समीक्षा की और विशेष रूप से बाजार, दुकानों, होटलों और बल्क वेस्ट जनरेटर्स जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता जताई। एडिश्नल कमिश्नर ने कहा कि व्यावसायिक इलाकों में कूड़ा प्रबंधन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से नकद में कोई यूजर चार्ज वसूला नहीं जाएगा, शुल्क केवल अधिकृत माध्यमों से ही लिया जाएगा।इसके अलावा कंपनी को सोमवार तक वार्ड-वाइज विस्तृत प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जिसमें बताना होना कि किस वार्ड में कितने वर्कर, गाड़ियां और रिक्शे काम करेंगे। एडिश्नल निगम कमिश्नर ने दो टूक कहा कि कूड़ा कलेक्शन की कड़ी निगरानी की जाएगी और यदि नियम व शर्तों से कोई लापरवाही पाई गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिल बनाने और निगम के साथ तालमेल रखने के लिए कंपनी को एक नोडल अफसर नियुक्त करना होगा। इसके अलावा शहरवासियों से भी अपील की है कि स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। फिलहाल कंपनी ने कूड़ा कलेकशन का काम जोर शोर से शुरू कर दिया है। बैठक में पीएमआईडीसी की प्रतिनिधि काव्या, आरआरआर कंपनी के अधिकारी, नगर निगम के हेल्थ अफसर डॉ. किरण, डॉ. योगेश अरोड़ा, डॉ. रमा, सीएसओ मलकीत सिंह सहित सभी सीएसआई उपस्थित रहे। हर घर-दुकान से उठे कूड़ा : शहर के हर घर और दुकान से कूड़ा उठना चाहिए। कोई इलाका छूटना नहीं चाहिए। बाजारों पर फोकस : बाजारों और कॉमर्शियल इलाकों में बार-बार कूड़ा उठाने और सफाई के निर्देश। गीले कचरे का निपटारा : गीले कचरे को अलग रखना होगा। बड़े होटल या रेस्टोरेंट को अपने गीले कचरे को नियमों के हिसाब से खुद निपटाना होगा। बाजारों के लिए अलग गाड़ियां: बाजारों में कूड़ा उठाने के लिए अलग से गाड़ियां लगेंगी और उनका आने-जाने का रास्ता (रूट) सही से तय किया जाएगा। गाड़ियों पर नंबर लिखना जरूरी : कचरा उठाने वाली हर गाड़ी पर उसका ‘वार्ड नंबर’ और बुलाने के लिए ‘फोन नंबर’ लिखा होना चाहिए ताकि लोग उसे देख सकें। सही टाइम-टेबल: गाड़ियां किस इलाके में और किस टाइम जाएंगी इसका सही और पक्का टाइम-टेबल बनाया जाएगा। क्यूआर कोड से निगरानी: काम सही हो रहा है या नहीं, यह देखने के लिए और लोगों की शिकायतें सुनने के लिए ‘क्यूआर कोड’ सिस्टम शुरू किया जाएगा। बिजली की सुविधा : काम को बेहतर बनाने के लिए जहां जरूरी होगा वहां बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।


