बारां शहर में कई जगह कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां बनाकर सस्ते दामों का हवाला देते हुए प्लॉट बेचे जा रहे हैं। बिना कन्वर्जन के प्लॉट बेचकर सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। यहां पर बिजली, पानी, सड़क, रोड लाइट के इंतजाम नहीं होने से लोग परेशान होते हैं। इकरारनामे पर एक ही प्लॉट को कई लोगों के नाम बेचकर धोखाधड़ी के मामले भी सामने आ रहे हैं। नगर परिषद की ओर से एक सर्वे में बिना भूमि रूपांतरण के काटी गई 35 कॉलोनियों को चिह्नित भी किया हुआ है। इसके बाद नगर परिषद की ओर सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। यहां कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र से लोग प्लॉट और मकान में निवेश कर रहे हैं। शहर में भी पुरानी बस्ती से निकलकर लोग खुली जगहों पर जा रहे हैं। सुरक्षित होने से कई लोग प्लॉट में निवेश कर रहे हैं। शहर में आवास और प्लॉट की बढ़ती मांग के बीच कई लोग कृषि भूमि को कन्वर्जन कराए बिना ही प्लॉट बनाकर बेच रहे हैं। कॉलोनी के नाम पर कन्वर्जन कराए बिना कृषि भूमि पर कुछ दूरी में सीसी रोड और बिजली के लिए पोल खड़े किए जा रहे हैं। प्लॉट के नाम पर लाखों का लेनदेन इकरारनामे के आधार पर किया जा रहा है। जिससे धोखाधड़ी का अंदेशा बना रहता है। सुविधाओं के लिए तरसते हैं लोग
कृषि भूमि पर कई कॉलोनियां बिना रूपांतरण के बेची जा रही हैं। जिनमें सस्ते दामों पर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। इनमें कई लोग अच्छे मुनाफे की उम्मीद से निवेश के नाम पर प्लॉट खरीदकर छोड़ देते हैं। कुछ समय बाद तब निर्माण के लिए पहुंचे तो वहीं प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति की ओर से भी खरीदने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं इन कॉलोनियों में लोगों को पेयजल लाइनों, बिजली कनेक्शन, रोड लाइट, सड़क, नाली आदि सुविधाओं को लेकर खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। धोखाधड़ी के शिकार हो रहे लोग
शहर में ही हर साल जमीन विवाद संबंधित करीब 150 से 200 मामले सामने आ रहे हैं। इनमें से करीब 25 से 30 फीसदी मामले एक ही प्लॉट दो या उससे भी अधिक लोगों को बेचने के आ रहे हैं। इनमें से कुछ शिकायतों पर एफआईआर दर्ज होती है, शेष मामले परिवाद में ही दर्ज होते हैं। हाल ही में कुछ दिन पहले ही एक प्रॉपर्टी डीलर की ओर से कई प्लॉट एक से अधिक लोगों को बेचकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया था। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
नगर परिषद सूत्रों के अनुसार शहर में कृषि भूमि पर बिना भूमि रुपांतरण के काटी गई 35 कॉलोनियों को चिह्नित किया गया है। पिछले दिनों परिषद की ओर से कार्रवाई के नाम पर महज कुछ ही कॉलोनियों पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की गई। इसके बाद महज सिर्फ दो से तीन ही कॉलोनाइजर्स ने भूमि रूपांतरण के लिए आवेदन किया है। नगर परिषद एक्सईएन भुवनेश कुमार मीणा ने बताया कि नगर परिषद की ओर से बिना रूपांतरण कृषि भूमि पर काटी गई कॉलोनियों का सर्वे करवाकर कार्रवाई की जाएगी। पिछले दिनों भी कार्रवाई के लिए अभियान चलाया गया था। जल्द ही फिर से अभियान के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।


