शहर के प्रतिष्ठित अल्बर्ट हॉल का स्थापत्य जब महिला कलाकारों की तूलिका से उकेरा गया, तो कला प्रेमियों के लिए यह एक अद्भुत दृश्य बन गया। यह आयोजन विनीता आर्ट्स और आर्ट ट्यून के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें जयपुर की 20 महिला कलाकारों ने भाग लिया। इस कला शिविर का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, कला और विरासत को लोगों के करीब लाना और उन्हें इसके प्रति जागरूक करना था। विनीता आर्ट्स की संस्थापक विनीता शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन कला प्रेमियों और पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और विरासत से रूबरू कराने का एक प्रयास है। ऐसे कैंप्स से न केवल कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, बल्कि स्थानीय और विदेशी पर्यटकों को भी भारतीय स्थापत्य और संस्कृति को गहराई से समझने का मौका मिलता है। इस शिविर में जयपुर की 20 महिला कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इनमें नीलम नियाजी, रेखा अग्रवाल, ललित शर्मा, विनीता शर्मा, रश्मि राजावत, गीतांजलि, मोनिका शर्मा, रेणु विजयवर्गीय, मधु जैन, मीनाक्षी खींची, कौशल्या बाकोलिया, शीला पुरोहित, कोमल, और उपासना शुक्ला शामिल थीं। इन सभी कलाकारों ने अपने-अपने अनोखे अंदाज में अल्बर्ट हॉल को केनवास पर जीवंत किया। इस अवसर पर आरजे रविंद्र ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कलाकारों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि दर्शकों को भी भारतीय कला की विविधता देखने का अवसर मिलता है। उन्होंने आयोजनकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। इस आयोजन ने जयपुर के कला प्रेमियों और पर्यटकों को कला और संस्कृति के प्रति जागरूक किया। दर्शकों ने कलाकारों के चित्रों की सराहना की और उनके काम को भारतीय विरासत का जीवंत चित्रण बताया। इस तरह के कला शिविर न केवल कलाकारों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और स्थापत्य की महत्ता को भी उजागर करते हैं। यह आयोजन एक सफल प्रयास था, जो भविष्य में और अधिक ऐसे कार्यक्रमों की प्रेरणा बनेगा।


