कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने मीराबाई की कृष्ण भक्ति के प्रसंग पर बोलते हुए कहा कि मुझे ज्यादा धार्मिक बातें नहीं आती, लेकिन दूसरी कला आती है। जिसमें जनता के बीच जाना, भाषण देकर बेवकूफ बनाना, वोट ले जाना, चुनाव जीतना, ये थोडी बहुत कला मैं जानता हूं, ज्यादा कुछ आता नहीं है। उन्होंने यह बात सिकराय क्षेत्र के कालवान गांव में दंगल कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मीरा ने भगवान कृष्ण की बेशुमार भक्ति की और भक्ति से शक्ति मिलती है। मुझ पर जनता की कृपा वहीं चांदेरा में सम्बोधित करते हुए मंत्री ने कहा- पूर्व कई बार यहां आया, लेकिन आज महिलाओं की बडी तादाद देखकर लग रहा कि कुछ तो गडबड है। इससे मैं और विधायक तो खुश हैं, लेकिन कोई ऐसी मांग आ गई जो पूरी नहीं हुई तो मारे जाएंगे। इस पर पांडाल में मौजूद लोगों की हंसी छूट पडी। उन्होंने कहा कि सिकराय क्षेत्र की जनता की मुझ पर बडी कृपा रही है। जिस-जिस के के लिए कहा उसे ही चुनाव जितवा दिया। विक्रम बंशीवाल ने किए कहा तो इन्हें चुनाव जिता दिया। एक बार ममता भूपेश चक्कर में फंस गई थी तो उसे जितवाया। सबको मिलकर संस्कृति को बचानी होगी कृषि मंत्री ने कहा कि एक समय था जब गांव में पंच-पटेलों, बुजुर्गों और बहन-बेटियों की इज्जत रहती थी। आज बहुत गडबड हो रहा है कि गांव का लडका ही, गांव की बहन-बेटी को लेकर भगाकर ले जा रहा है। बेटा बाप को पीट रहा है, पत्नी पति को मार रही है, लेकिन ये सब पवित्र रिश्ते हैं। आए दिन अखबारों में पढते हैं उसे तो यहां बताने में शर्म आएगी। उन्होंने कहा कि संस्कृति का पतन होने के कारण ऐसा हो रहा है। गांवों में सम्मान खत्म हो रहा है। हमें हमारी संस्कृति का जीवित रखना होगा। चाहे बडा से बडा काम ले लो, लेकिन हम सबको मिलकर संस्कृति बचाने के लिए काम करना होगा। जब तक गांवों में सुधार नहीं आएगा, तब तक धार्मिक कार्यक्रम करने का कोई औचित्य नहीं हैं। यदि समाज में गलत कार्य रूक जाएंगे तो सुधार अपने आप आ जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने बालाजी मोड के पास पुष्कर होटल से चांदेरा तक सड़क निर्माण और गांव में लाइब्रेरी की मांग रखी, जिस पर विधायक विक्रम बंशीवाल ने भरोसा दिलाया।


