भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं कृषि विषय के प्रति रूचि बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। जिले में अब तक 1723 छात्राओं ने आवेदन किया है। इनमें से 1471 छात्राओं को भौतिक सत्यापन व ई-साइन सर्टिफिकेट जारी होने के बाद करीब 2 करोड़ 37 लाख रुपए की छात्रवृत्ति का आवंटन कर दिया गया है। जबकि 252 छात्राओं को अभी तक छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। इसका कारण कृषि विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन होने के बाद भी संस्था प्रधानों द्वारा ई-साइन सर्टिफिकेट जारी नहीं करना है। विभागीय जानकारी के अनुसार योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया एक जुलाई को शुरू हुई थी। इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी है। विद्यालय व कॉलेज में कृषि संकाय में अध्ययनरत वंचित छात्राएं योजना से लाभान्वित होने के लिए राज किसान पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। पीएचडी करने वाली छात्रा को हर वर्ष 40 हजार रुपए का प्रावधान : योजना के तहत कृषि संकाय में अध्ययनरत राजस्थान की मूल निवासी छात्राओं को राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाती है। 11वीं व 12वीं की छात्राओं को प्रति वर्ष 15 हजार रुपए, कृषि कॉलेज में बीएससी के चार वर्षीय पाठ्यक्रम व एमएससी कृषि विज्ञान में अध्ययनरत छात्रा को दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए 25 हजार तथा कृषि में पीएचडी करने वाली छात्राओं को तीन वर्ष तक के लिए प्रति वर्ष 40 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
^संस्था प्रधानों के स्थानांतरण होने के कारण 252 छात्राओं के ई-साइन सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाए हैं। इसके लिए संस्था प्रधानों को एसएसओ आईडी से राज किसान पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए कहा गया है। भौतिक सत्यापन के बाद ई-साइन सर्टिफिकेट जारी पर राशि मिलेगी। -डॉ. राजेंद्र सिंह लांबा, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग योजना के तहत कृषि संकाय में अध्ययनरत छात्राओं को 31 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। छात्राओं को राज किसान पोर्टल के माध्यम से गत वर्ष की अंक तालिका, राजस्थान का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र साथ लगाना होगा। जनआधार के माध्यम से प्राप्त आवेदन का भौतिक सत्यापन कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कार्यालय से किया जाएगा। इसके बाद संस्था प्रधान को ई-साइन सर्टिफिकेट जारी करना है।


