बालोद| ग्राम लिमोरा में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन आचार्य तोरण शर्मा ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के विवाह को बताया। भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीला और महारास के वर्णन से सुमधुरित कथा श्रवण से सभी भावविभोर हो उठे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सभी राजाओं को हराकर विदर्भ की राजकुमारी रुिक्मणी को द्वारिका में लाकर उनका विधिपूर्वक पाणिग्रहण किया। कथा व्यास आचार्य तोरण ने बताया कि श्रीकृष्ण लीलामृत के महारास में जीवात्मा का परमात्मा से मिलन हुआ। मौके पर सहारे परिवार की ओर से आकर्षक वेशभूषा में श्रीकृष्ण व रुक्मिणी विवाह की झांकी प्रस्तुत कर किया। कथा के साथ-साथ भजन संगीत भी प्रस्तुत किया गया।


