ग्वालियर में बुधवार की शाम केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शहर के विकास कार्यों की समीक्षा की है। बैठक प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्ष में हुई है। बैठक में पानी, सड़क व सौंदर्यीकरण पर एक-एक कर चर्चा हुई है। सबसे ज्यादा चर्चा शहर की जर्जर सड़कों को लेकर हुई है। सिंधिया ने कहा कि दो महीने पहले (3 अक्टूबर) जब हमने बैठक ली थी तो 359 सड़क रेखांकित की थी हमने जिसमें से 125 हरि श्रेणी (ग्रीन जोन) में आती हैं, 63 पीली श्रेणी (येलो जोन) में आती हैं और 171 लाल श्रेणी (रेड जोन) में आती थीं। रेड जोन वाली सड़कें वह थीं जिनकी हालत बेहद खराब थी। आज लगभग 2 महीने बाद 10 दिसंबर से उन 359 सड़कों में से रेड जोन की 171 में से 8 सड़कों की हालत ठीक होकर वह ग्रीन जोन में आ गई हैं, जबकि 163 सड़कें रेड जोन की बची हैं, जो लाल श्रेणी में है। बाकी की सड़कों के लिए सभी का सुझाव था कि उनके लिए हमें राशि लाना पड़ेगी। सड़कें बेहतर हो इसके लिए हम काफी प्रयास कर रहे हैं। बड़ी-बड़ी विकास परियोजनाएं निर्माणाधीन
ग्वालियर शहर के सुनियोजित विकास के लिए मंजूर हुए सभी बड़े-बड़े विकास कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिये कार्यवार ग्रोथ चार्ट तैयार करें। ग्वालियर में वर्तमान में लगभग 10–12 हजार करोड़ रुपए लागत की बड़ी-बड़ी विकास परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनके पूर्ण होने पर ग्वालियर की तस्वीर बदलेगी। इसलिए कार्यों को गुणवत्ता के साथ व समय-सीमा में पूर्ण कराएं। इस आशय के निर्देश केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में हुई शहर विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में ग्वालियर शहर की सड़कों के मरम्मत कार्यों की खासतौर पर समीक्षा की गई। बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में एलिवेटेड रोड के दोनों चरण, चंबल परियोजना सहित शहर के अन्य पेयजल प्रोजेक्ट, आगरा-ग्वालियर सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे, वेस्टर्न बायपास, अम्बेडकर धाम, मल्टीलेवल पार्किंग महाराज बाड़ा, हजार बिस्तर अस्पताल अंडरपास एवं सीवरेज प्रोजेक्ट सहित शहर के अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में दूसरा बड़ा मुद्दा पानी का रहा है
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि पानी की योजना के लिए 1950 करोड़ का डीपीआर अगले शुक्रवार तक तैयार हो जाएगा जिसको हम भोपाल भेजेंगे और फिर उस पर कार्रवाई की जाएगी। चंबल से पानी आने का जो 700 करोड़ की योजना चल रही है जिसमें कार्य तेजी से चल रहा है। कुंवारी नदी ब्रिज तक 35% तक का कार्य हो गया है। आसन नदी ब्रिज वहां 17% का कार्य हो गया है और सांक नदी ब्रिज पर 15% का काम हो गया है लेकिन पाइपलाइन जो 42 किलोमीटर है उसका कार्य अभी शुरू हुआ है जिसमें अभी केवल 3% का कार्य हुआ है। सड़कों के लिए धनराशि लाने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलेगा प्रतिनिधि मंडल
बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में जनप्रतिनिधिगणों का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भोपाल में मुलाकात कर ग्वालियर शहर की सड़कों की मरम्मत व निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह करेगा। इस प्रतिनिधि मंडल में प्रभारी मंत्री सहित ग्वालियर से जुड़े मंत्रिगण, विधायकगण, महापौर, नगर निगम सभापति एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण शामिल रहेंगे। शहर की सड़कों की समीक्षा के दौरान बैठक में जानकारी दी गई कि दो माह पहले शहर में 171 सड़कें रेड जोन में थीं, इनमें से 8 सड़कें बनकर तैयार हो गई हैं और अब 163 सड़कें रेड जोन में बची हैं। इन सड़कों के निर्माण के लिये लगभग 170 करोड़ रुपए की धनराशि की जरूरत होगी। नगर निगम एवं विभागों द्वारा अपनी-अपनी निधि से भी सड़कों का मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, महापौर शोभा सिकरवार, कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार, भाजपा विधायक मोहन सिंह राठौर, कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर, नगर निगम सभापति मनोज तोमर, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर व भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। साथ ही कलेक्टर रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय व अपर कलेक्टर कुमार सत्यम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। खास बातें एवं निर्देश


