भास्कर न्यूज | सरोना नरहरपुर ब्लॉक के खरीदी केंद्रों में धान उठाव की प्रक्रिया ठप होने से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। धान खरीदी केंद्रों में धान का समय पर उठाव नहीं होने के कारण अब नई खरीदी पर भी संकट खड़ा हो गया है। इसका सीधा असर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों और आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों पर पड़ रहा है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अभनपुर में धान उठाव नहीं होने से हालात गंभीर बने हुए हैं। समिति अध्यक्ष मनु राम भास्कर ने बताया समिति में अब तक 23,500 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। इसके अलावा बफर लिमिट से अधिक लगभग 9,500 क्विंटल धान की अतिरिक्त खरीदी हो चुकी है। लगातार उठाव नहीं होने के कारण समिति परिसर में धान रखने की जगह पूरी तरह भर चुकी है। ऐसे में मजबूरीवश सोमवार से धान खरीदी रोकने की स्थिति बन सकती है, जिससे किसानों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। बादल में खरीदी की गई बंद: इसी तरह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बादल के धान खरीदी केंद्र में भी जगह के अभाव के चलते खरीदी पूरी तरह बंद कर दी गई है। समिति अध्यक्ष देवनाथ कुंजाम ने बताया उनके केंद्र में अब तक 25,166.40 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। यह बफर लिमिट से लगभग 1300 क्विंटल अधिक है। इसके बावजूद अब तक धान का उठाव नहीं किया गया है। इसके चलते खरीदी बंद करने की नौबत आ गई। देवनाथ कुंजाम ने बताया धान उठाव को लेकर जिला प्रशासन को कई बार लिखित आवेदन देकर स्थिति से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही के कारण किसानों की मुश्किलें दिन ब दिन बढ़ती जा रही हैं। उठाव न होने से समितियों पर भी पड़ रहा दबाव धान उठाव की समस्या का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है। आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों को भी इस स्थिति में भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। जगह की कमी, खरीदी बंद होने की मजबूरी और किसानों के बढ़ते दबाव के कारण समितियों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।


