विक्की कुमार | अमृतसर नीले कार्ड के तहत अमृतसर के 14.62 लाख लोगों के लिए केंद्र सरकार 3 माह का गेहूं जारी कर चुकी है, मगर 13 दिन के बाद शहर के कार्डधारकों को बांटा जाना शुरू नहीं किया गया। केंद्र की ओर गेहूं अलॉट किए जाने के बाद विभाग के जिला खुराक सप्लाई अफसर (डीएफएसओ) की ओर से 21 मई को एक ऐसा पत्र जारी किया गया है, जिसके मुताबिक जिन कार्डधारकों की ईकेवाईसी नहीं हुई है, उन्हें सरकारी गेहूं न बांटा जाए। इस आदेश के कारण करीब 3.75 लाख लाभार्थियों को राशन नहीं मिलेगा। वहीं इन लाभार्थियों को जारी 18,788 क्विंटल गेहूं विभाग अपने पास स्टोर कर लेगा। हालांकि इस गेहूं का क्या किया जाएगा, अभी तक विभाग ने क्लियर नहीं किया है। डीएफएसओ के पत्र के अनुसार, डिपो होल्डरों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल उन्हीं लाभार्थियों के लिए गेहूं गोदाम से उठाएं जिनकी ईकेवाईसी हो चुकी है। बिना ईकेवाईसी वाले कार्डधारकों को गेहूं देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इससे हजारों गरीब परिवार राशन से वंचित रह जाएंगे। बीते 19 मई को तीन महीनों का गेहूं (अप्रैल, मई, जून 2025) जारी किया गया था, लेकिन 13 दिन बीत जाने के बावजूद शहरी क्षेत्रों में वितरण शुरू नहीं हो सका है। सूत्रों के अनुसार, विभाग और ट्रांसपोर्टरों के बीच विवाद के चलते ट्रालियां उपलब्ध नहीं हो रहीं, और विभाग भी इस पर चुप्पी साधे बैठा है। आम तौर पर जिस तेजी से गेहूं बांटा जाता है, इस बार वैसी कोई सक्रियता नजर नहीं आ रही।वहीं सामाजिक कार्यकर्ता विशाल जोशी ने आरोप लगाया है कि विभाग ने अपने स्तर पर यह आदेश जारी कर गेहूं रोकने की योजना बनाई है, जबकि केंद्र सरकार ने सभी कार्डधारकों के लिए राशन जारी किया है। उन्होंने पूछा कि जब सरकार ने कोई रोक नहीं लगाई, तो डीएफएसओ ने अपने स्तर पर आदेश क्यों जारी किए? क्या इसके पीछे घोटाले की तैयारी है? विशाल जोशी ने सुझाव दिया कि जब तक ईकेवाईसी नहीं होती, तब तक आधार कार्ड लेकर गेहूं वितरण किया जा सकता है, ताकि किसी गरीब को राशन से वंचित न किया जाए।


