पंजाब के पूर्व डिप्टी स्पीकर प्रो. दरबारी लाल ने देश की सर्वोच्च न्यायपालिका से निचली अदालतों तक 5.50 करोड़ लंबित मुकद्दमों पर गहरी चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बिना देरी इन मामलों का हल निकालने के लिए बड़े सार्थक और सकारात्मक कदम उठाए ताकि पिछले 20 से 25 वर्षों से विचाराधीन मामलों कों निपटाया जा सके। इस समय सर्वोच्च अदालत में 90 हजार, देश की 25 हाईकोर्टस में 63 लाख और निचली अदालतों में 4.8 करोड़ मुकद्दमे लंबित हैं। जो लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। तारीख पर तारीख की इस ब्रिटीश रिवायत देश की न्यायिक व्यवस्था की छवि को धुमिल कर रही है। पिछले केसों का निपटारा हो नहीं रहा और अगले केस तीव्र गति से बढ़ रहे हैं। यदि यही हाल रहा तो 2047 में यह मुकद्दमे बढ़कर 10 करोड़ के करीब हो जाएंगे जो विश्व के 100 देशों की कोर्टों के मामलों का रिकॉर्ड भी तोड़ देंगे ।


