मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आगर मालवा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को खत्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण)’ कानून लागू करना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों के अधिकारों पर सीधा हमला है। तंवर ने आरोप लगाया कि इस नए कानून के मुख्य शिल्पकार केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा एक मांग आधारित कानूनी अधिकार था, लेकिन नए कानून में इसे कोटा सिस्टम में बदल दिया गया है। इससे मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि मध्य प्रदेश के लगभग 92 लाख सक्रिय मजदूरों की रोजी-रोटी अब केंद्र की मर्जी पर निर्भर हो जाएगी। इसके अलावा, e-KYC और डिजिटल प्रक्रियाओं के कारण खासकर आदिवासी क्षेत्रों के मजदूर रोजगार से वंचित हो सकते हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी बताया कि नए कानून से फंडिंग पैटर्न 60:40 कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, प्रदेश पर सालाना करीब 5 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जबकि राज्य पहले से ही भारी कर्ज में है। तंवर ने कहा कि फसल सीजन में 60 दिन काम बंद करने का प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को बढ़ावा देगा। उन्होंने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने को गांधीवादी विचारधारा का अपमान भी बताया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह कानून जन-विरोधी, मजदूर-विरोधी और संघीय ढांचे के खिलाफ है। कांग्रेस इसका सड़क से लेकर संसद तक विरोध करेगी। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता गुड्डू लाला ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।


