जयपुर | राजस्थान चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने केंद्रीय बजट में राजस्थान को औद्योगिक और ढांचागत विकास के लिए 40 हजार करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता की मांग की है। मंगलवार को आयोजित बजट पूर्व परिचर्चा में चेंबर के अध्यक्ष डॉ के.एल जैन ने कहा कि नीति आयोग की सिफारिश के अनुसार जीएसटी में 5 और 15 फीसदी के दो ही स्लैब होने चाहिए। मादक पदार्थों पर जीएसटी दर 40 फीसदी की जानी चाहिए। पेट्रोल-डीजल के साथ इंडस्ट्रियल फ्यूल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। उद्योगों में कुशल श्रमिकों की कमी को दूर करने के लिए स्किल डवलपमेंट के प्रयास जरूरी है। देश में क्लस्टर आधारित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने चाहिए। परिचर्चा में चेंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी.एस भंडारी, महासचिव आनंद महरवाल, डॉ. अरुण अग्रवाल, एन.के जैन, ब्रिज बिहारी शर्मा, सचिव विजय गोयल, सुधीर भंडारी, दुलीचंद कडेल, दिनेश कानूनगो और कार्यकारी निदेशक वाई.एन माथुर ने हिस्सा लिया।


