प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में सुगम ट्रैफिक के लिए केबल कार के संचालन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार जल्द रोप-वे एक्ट लाने जा रही है। इंदौर विकास प्राधिकरण ने इसका प्रारंभिक प्रारूप भी तैयार कर लिया है। सरकार इसमें संचालन से लेकर सुरक्षा तक के सभी प्रावधानों पर विचार कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में तीन और स्थानों पर रोप वे से केबल कार संचालन पर काम चल रहा है।
इंदौर में चंदन नगर से जवाहर मार्ग और स्टेशन से विजय नगर तक के दो रूट पर केबल कार के संचालन के लिए फिजिबिलिटी सर्वे चल रहा है। यहां दो स्टेशन के बीच न्यूनतम दूरी 1.3 किमी और न्यूनतम 15 यात्रियों के लिए प्रस्तावित तैयार किया है। वहीं उज्जैन में रेलवे स्टेशन से महाकाल लोक तक के लिए भी रोप-वे प्रस्तावित है। एक रोप वे सागर में भी बनाया जाना है। इसे सिंहस्थ की तैयारियों के रूप में भी देखा जा रहा है।
तत्कालीन प्रमुख सचिव ने भी इस संबंध में निर्देश भी दिए थे। आईडीए अफसरों का कहना है कि विशेषज्ञों से सुझाव व परीक्षण के बाद नगरीय आवास व विकास विभाग इसे अंतिम रूप देगा। एक्ट में निर्माण, संचालन, सुरक्षा पर फोकस सूत्रों के अनुसार एक्ट में तीन बिंदुओं निर्माण, संचालन और सुरक्षा को ध्यान में रखकर नियम बनाएं जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों के लिए पहली बार… दुनियाभर में अब सघन इलाकों में लोक परिवहन के लिए केबल कार या एरियल रोप-वे का निर्माण हो रहा है। अभी तक इसका उपयोग पहाड़ी क्षेत्रों में ही होता रहा है। प्रदेश में देवास में माता टेकरी पर आवाजाही व कुछ अन्य स्थानों पर इसका उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में एनचएचएआई की लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी ने उज्जैन के लिए शहरी केबल कार का निर्माण प्रस्तावित किया है।


