भास्कर न्यूज | जांजगीर केरल के पलक्कड़ जिले में हुई रामनारायण बघेल के मॉब लिंचिंग मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मृतक रामनारायण का शव मंगलवार की देर रात गृह ग्राम सक्ती जिले के करही में पहुंचने की संभावना है। घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की मां और परिजन व्यथित हैं। बेटे को जीवित न देख पाने का गम और अब शव आने की सूचना ने परिवार को भावुक कर दिया है। मामले में प्रदेश सरकार ने पांच लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। मालूम हो कि रामनारायण बघेल रोजगार की तलाश में केरल गया था। वहां 17 दिसंबर को भीड़ ने बांग्लादेशी नागरिक बताकर बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम 19 दिसंबर को पलक्कड़ में हुआ। 21 दिसंबर की देर शाम मृतक की पत्नी और परिजन पलक्कड़ पहुंचे। परिवार ने केरल सरकार और प्रशासन से तीन बिंदुओं पर मांगें रखीं, जिनमें न्याय, मुआवजा और उचित सम्मान से शव घर लाने की व्यवस्था के साथ 25 लाख मुआवजे की मांग शामिल थी। 22 दिसंबर को इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिलने के बाद परिवार शव लेकर सक्ती रवाना हुआ। परिवार सुबह 3 बजे पलक्कड़ से कोच्चि के लिए रवाना हुआ। फिर सुबह 11 बजे कोच्चि से रायपुर एयरपोर्ट पहंुचा। शव रात 9 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से एम्बुलेंस से गृह ग्राम लाया जाएगा। इस दौरान सक्ती जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा व सुव्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। माधवी कुट्टी, कलेक्टर, पलक्कड़, केरल सीएम साय का 5 लाख मुआवजा देने की घोषणा, केरल से मिला आश्वासन… प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर शोक जताया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं केरल सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा अब तक नहीं की गई है।


