शहर के साइबर थाने में केवाईसी करने के नाम पर 9 लाख 10 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित सूरतगढ़ का रहने वाला है। उसे सिम बंद होने का झांसा दिया गया। इस सिम को चालू करने के नाम पर उससे डॉक्यूमेंट मांगे गए। जब पीड़ित ने डॉक्यूमेंट सेंड कर दिए तो उसके बैंक खाते से 9 लाख 10 हजार रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित ने इस संबंध में साइबर थाने में मामला दर्ज करवाया है। मामले की जांच साइबर सैल के डीएसपी कुलदीप वालिया को दी गई है। साइबर थाने के अनुसार पीड़ित शिवपूजन कुमार पुत्र रामकिशन कुमार बिहार का रहने वाला है और अभी सूरतगढ़ में रह रहा है। कुछ दिन पहले शिवपूजन कुमार के पास फोन आया कि उसके फोन की केवाईसी की जानी है। इसके लिए ऑनलाइन कुछ डॉक्यूमेंट भिजवाने होंगे। केवाईसी नहीं होने पर सिम बंद कर दी जाएगी। शिवपूजन ने इसे फ्रॉड कॉल मानते हुए डॉक्यूमेंट भेजने से इनकार कर दिया। इसके कुछ दिन बाद उसकी मोबाइल सिम बंद हो गई। सिम बंद होने पर शिवपूजन को लगा कि कुछ दिन पहले आया कॉल सही था और केवाईसी करवाना जरूरी है। इसके लिए उसने संबंधित नंबर पर कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले ने उसे आधार कार्ड और कुछ अन्य डॉक्यूमेंट जमा करवाने को कहा। इस पर शिवपूजन ने अपने डॉक्यूमेंट आरोपी के नंबर पर भेज दिए। डॉक्यूमेंट भेजने के कुछ दिन बाद ही उसके खाते में आठ लाख रुपए का लोन स्वीकृत होकर जमा हो गया। इसके कुछ मिनट बाद ही आरोपी ने उसके खाते से यह आठ लाख रुपए निकलवा भी लिए। इसके साथ ही आरोपी ने पीड़ित के खाते से 1 लाख 10 हजार रुपए भी निकलवा लिए। मामला दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कॉल करने वाले के नंबर खंगाले जा रहे हैं वहीं फ्रॉड की गई राशि का किन खातों में टांजेक्शन हुआ है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।


