सिटी रिपोर्टर|बोकारो झारखंड सरकार की ओर से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए जारी नियमावली आउटसोर्सिंग मेनुअल-2025 के विरोध में झारखंड राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ की ओर से निर्धारित चरणबद्ध आंदोलन के तहत बुधवार को कैंडल मार्च निकाला गया। इसमें झारखंड राज्य के सभी आउटसोर्स कर्मचारी सचिवालय से लेकर प्रमंडल, जिला, प्रखंड, अंचल एवं सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के निविदा कर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला। बोकारो में भी बुधवार को संध्या को जिला मुख्यालय में कैंडल मार्च निकाला गया, जो चास चेकपोस्ट तक पहुंचा। वहीं, 12 जून को जिला मुख्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया जाएगा। 15 जून को रांची में एकदिवसीय राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि इस नियमावली में पूर्व से कार्यरत कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया है। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार इसमें संशोधन करते हुए 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा और वित्त विभाग के आलोक में संविदा कर्मियों के समान वेतन भुगतान करने का प्रावधान शामिल किया जाए। कर्मियों ने इस नियमावली को कर्मचारी विरोधी नियमावली बताया और इसके विरोध में झारखंड के सभी आउटसोर्स कर्मचारियों से भारी संख्या में एक साथ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसमें सफाई कर्मी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, अमीन, चालक, माली, रसोइया, स्वास्थ्य विभाग के सफाई कर्मी से लेकर तकनीकी कर्मी सभी शामिल है। सभी ने सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की मांग की है। बता दें कि जिले के आउटसोर्स कर्मचारी बीते तीन दिन से काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं। मौके पर अमित कुमार, राजा कुमार सिंह, राहुल कुमार, अंकिता कुमारी, शेफाली कुमारी, सौरव तिवारी, शंकर दयाल, राजेन्द्र तिवारी, संजय तिवारी, सूरज कुमार दास आदि थे।


