अमृतसर| आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के साथ-साथ मरीजों के भविष्य को सुरक्षित करने में बड़ी सफलता हासिल की है। कैंसर उपचार (कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी) अक्सर प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं, लेकिन ‘ऑन्कोफर्टिलिटी’ तकनीक अब युवाओं और बच्चों के लिए भविष्य में माता-पिता बनने का अवसर सुरक्षित कर रही है। ईएमसी क्रेडल की आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. सिमरन ने बताया कि कैंसर का निदान होते ही फर्टिलिटी संरक्षण पर चर्चा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कई बार परिवार इस पहलू को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि सही समय पर लिया गया फैसला कैंसर से ठीक होने के बाद एक सामान्य पारिवारिक जीवन जीने में मदद करता है। डॉ. सिमरन के अनुसार, ऑन्कोफर्टिलिटी केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मरीजों को यह विश्वास दिलाने का माध्यम है कि कैंसर के बाद भी जीवन में खुशियां और संपूर्णता संभव है।


