रायपुर में एयरपोर्ट जाने वाली सड़क पर लगाया गया कैटल ग्रिड पब्लिक के लिए परेशानी का सबब बन गया है। रायपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा लगाए गए कैटल ग्रिड के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। बीते दिनों संचालनालय की कर्मचारी स्कूटी से घर वापस लौट रही थी। इस दौरान ग्रिड से स्कूटी का पहिया फिसल गया। इस एक्सीडेंट में महिला के हाथ पैर टूट गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर रोज आधा दर्जन से ज्यादा हादसे हो रहे हैं। आस-पास कोई साइन बोर्ड नहीं होने के कारण लोगों को कैटर ग्रिड की जानकारी नहीं होती है। और वे हादसे का शिकार हो रहे है। लोगों ने बताया कि इससे पहले भी कुछ एक्सीडेंट हुए हैं। जिसकी जानकारी थानें में भी दी गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी नहीं दे रहा ध्यान एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कैटल ग्रिड तो लगा दिया है, लेकिन यह आवाजाही करने वाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। क्योंकि यह ग्रिड लगभग 5 फीट तक लंबा है। इसके ऊपर से छोटी गाड़ियों के पहिये गुजरने से ये फिसलने लगते हैं। बता दें कि घायल महिला छत्तीसगढ़ कॉलेज में कार्यरत थी जो दुर्घटना के तीन दिन पहले ही उच्च शिक्षा विभाग संचालनालय में अटैच हुई थी। पुलिस ने परिजनों को कोर्ट में जाने की सलाह इस मामले में महिला के परिजनों ने माना कैंप थाने में शिकायत की है। जिसके बाद पुलिस ने परिजनों को कोर्ट में जाने की सलाह दी है। वहीं, परिजनों का कहना है कि वे इस मामले को कोर्ट में लेकर जाएंगे, ताकि और भी लोगों को हादसे का शिकार ना होना पड़े। 1 महीने पहले टूटा घोड़े का पैर,मालिक ने थाने में की शिकायत फरवरी में इसी कैटल ग्रिड को पार करते हुए एक घोड़े का पैर फंसकर टूट गया था। घोड़े के मालिक ने इसकी शिकायत माना थाने में की थी। घोड़े के मालिक मोहम्मद अजहर ने बताया कि वे वीआईपी रोड जैनम मानस के पास से वे अपने घोड़े को ले जा रहा था। जैनम मानस से पहले रोड पर पुलिया बनाई गई है। इसमें पाइप लगाया गया है। जिसके चलते उनके घोड़े का पैर टूट गया। पाइप के बीच ज्यादा गैप होने की वजह से इसके ऊपर से पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है। वहीं, इसके आस-पास साइन बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिसके कारण वे हादसे का शिकार हो गए। क्या है कैटल ग्रिड सडक मवेशियों की वजह से होने वाले सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कैटल ग्रिड लगाया जाता है। इसे मवेशी रक्षक पुल भी कहा जाता है। सड़क के बीच स्टील की रॉड और पाइप कुछ दूरी में लगाई जाती है। जिससे मवेशियों सड़क को पार नहीं कर पाते। लेकिन ग्रीड के उपर से गाड़िया आसानी से गुजरती है। इन्हें सड़कों के किनारे, रेलवे लाइनों के पास, और अन्य स्थानों पर लगाया जाता है, जहां मवेशियों का आवागमन होता है।


