कॉम्पेनसेशन सेस को हटा सकती है सरकार:3-4 सितंबर को GST काउंसिल की बैठक में फैसला; राज्यों का नुकसान कम करने के लिए लगाया था

GST काउंसिल की 3-4 सितंबर 2025 को होने वाली 56वीं बैठक में कॉम्पेनसेशन सेस को 31 अक्टूबर 2025 तक बंद करने पर विचार होगा। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र बचे हुए 2,000 से 3,000 करोड़ रुपए के सेस को आपस में आधा-आधा बांटने की योजना बना सकती हैं। कॉम्पेनसेशन सेस 2017 में जीएसटी शुरू होने पर राज्यों के राजस्व नुकसान को पूरा करने के लिए लगाया गया था। यह सेस तंबाकू, कोल्ड ड्रिंक्स और महंगी गाड़ियों पर लिया जाता है। कर्ज चुकाने के लिए बढ़ाया था कॉम्पेनसेशन सेस केंद्र सरकार ने कोविड-19 के दौरान राज्यों की मदद के लिए ₹2.69 लाख करोड़ का कर्ज लिया था। इस कर्ज को चुकाने के लिए कॉम्पेनसेशन सेस को मार्च 2026 तक बढ़ाया गया था। मजबूत जीएसटी कलेक्शन की वजह से सरकार यह कर्ज अक्टूबर 2025 तक चुकाने की राह पर है। ऐसे में अगली मीटिंग में GST काउंसिल यह तय करेगी कि सेस को पूरी तरह हटाना है या जीएसटी स्लैब में शामिल करना है। 12% और 28% के स्लैब खत्म होंगे GST काउंसिल की मीटिंग में GST के स्लैब को कम करने को लेकर फैसला आ सकता है। GST के 12% और 28% के स्लैब को खत्म करने की मंजूरी मिल सकती है। अगर ऐसा होता है तो GST के सिर्फ दो स्लैब 5% और 18% ही होंगे। लग्जरी आइटम्स 40% के दायरे में आएंगे। अभी जीएसटी के 4 स्लैब 5%, 12%, 18%, और 28% होते हैं। इससे 21 अगस्त को हुई GST काउंसिल के मंत्रियों के समूह (GoM) ने GST के 12% और 28% के स्लैब को खत्म करने की मंजूरी दे दी थी। PM मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर जीएसटी रिफॉर्म्स का ऐलान किया था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से कहा था कि इस साल दिवाली में बड़ा तोहफा मिलने वाला है। हम नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म्स लेकर आ रहे हैं। सामान्य लोगों के लिए टैक्स कम कर देंगे, रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएगी, लोगों को बहुत फायदा होगा। ये सामान सस्ते होंगे: इन पर टैक्स 12% से 5% होगा एक्सपर्ट के मुताबिक सूखे मेवे, ब्रांडेड नमकीन, टूथ पाउडर, टूथपेस्ट, साबुन, हेयर ऑयल, सामान्य एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर दवाएं, प्रोसेस्ड फूड, स्नैक्स, फ्रोजन सब्जियां, कंडेंस्ड मिल्क, कुछ मोबाइल, कुछ कंप्यूटर, सिलाई मशीन, प्रेशर कुकर, गीजर जैसी चीजें सस्ती होंगी। इनके अलावा बिना बिजली वाले पानी के फिल्टर, इलेक्ट्रिक आयरन, वैक्यूम क्लीनर, 1000 रुपए से ज्यादा के रेडीमेड कपड़े, 500-1000 रुपए की रेंज वाले जूते, ज्यादातर वैक्सीन, एचआईवी/टीबी डायग्नोस्टिक किट, साइकिल, बर्तन पर भी कम टैक्स लगेगा। ज्योमेट्री बॉक्स, नक्शे, ग्लोब, ग्लेज्ड टाइल्स, प्री-फैब्रिकेटेड बिल्डिंग, वेंडिंग मशीन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन, कृषि मशीनरी, सोलर वॉटर हीटर जैसे प्रोडक्ट भी 12% के टैक्स स्लैब में आते हैं। दो स्लैब की मंजूरी के बाद इन पर 5% टैक्स लगेगा। ये सामान भी सस्ते होंगे: इन पर टैक्स 28% से 18% होगा
सीमेंट, ब्यूटी प्रोडक्ट, चॉकलेट, रेडी-मिक्स कंक्रीट, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एसी, डिशवॉशर, निजी विमान, प्रोटीन कॉन्सेंट्रेट, चीनी सिरप, कॉफी कॉन्सेंट्रेट, प्लास्टिक प्रोडक्ट, रबर टायर, एल्युमिनियम फॉयल, टेम्पर्ड ग्लास, प्रिंटर, रेजर, मैनिक्योर किट, डेंटल फ्लॉस।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *