पंजाब के रोपड़ जिले में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब सरकार के शिक्षा मॉडल की कमियां उजागर की हैं। श्री चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर चन्नी ने अधूरी पड़ी स्कूल की इमारत और आईटीआई कॉलेज का निरीक्षण किया। चन्नी ने बताया कि कांग्रेस शासन में करोड़ों रुपए की लागत से श्री चमकौर साहिब में आईटीआई कॉलेज और स्कूल की इमारतें बनवाई गई थीं। वर्तमान सरकार ने इन इमारतों का उपयोग नहीं किया। इसके कारण ये इमारतें खंडहर में तब्दील हो गई हैं। धर्मशाला में चल रही कक्षाएं त्रिपड़ी गांव में 8 एकड़ जमीन पर बनी आईटीआई कॉलेज की इमारत अधूरी पड़ी है। गांव की धर्मशाला के एक कमरे में कक्षाएं चल रही हैं। चन्नी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दिल्ली के नेता मनीष सिसोदिया को शिक्षा क्रांति का चेहरा बना रही है। शिक्षा मॉडल को ‘कूची फेर मॉडल’ बताया पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा शिक्षा मॉडल को ‘कूची फेर मॉडल’ बताया। उनका कहना है कि सरकार केवल स्कूलों के नाम बदलकर ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ कर रही है। जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ है। चन्नी ने वादा किया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी शैक्षणिक संस्थान चालू किए जाएंगे। पंजाब के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी। इससे राज्य का भविष्य उज्ज्वल होगा।


