कॉर्पोरेट कंपनी की तरह राजस्थान में ड्रग फैक्ट्री:मास्टरमाइंड था सेल्स-मार्केटिंग हेड, 3 राज्यों में जेल काट चुका; हिसाब-किताब करने आया तो पकड़ा

100 करोड़ की MD ड्रग की फैक्ट्री लगाने का मास्टरमाइंड कमलेश उर्फ कार्तिक ATS ने पकड़ लिया है। तस्कर इससे पहले 3 राज्यों (राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र) की जेल में सजा काट चुका है। पहले यह तस्कर हथियारों का बिजनेस करता था इसके बाद MD की लत के चलते इसी को बनाने का धंधा शुरू कर दिया। आरोपी ने कॉर्पोरेट स्टाइल में गैंग तैयार की थी। किसी को मार्केटिंग हेड तो किसी को ऑपरेशन चीफ बनाया था। पुलिस को इनपुट था कि यह बकाया हिसाब करने पार्टी से मिलने वाला है। जैसे ही यह अपने रुपए लेने आया इसे गिरफ्तार कर लिया गया। एटीएस IG विकास कुमार ने बताया- एमडी तस्करी के मास्टरमाइंड कमलेश उर्फ कार्तिक को रविवार सुबह जैसलमेर के सांगड़ में एटीएस और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा है। आरोपी मध्यप्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में क्राइम करता रहा है। यह 25 हजार रुपए का इनामी है। राजस्थान के जोधपुर के कुड़ी इलाके और बाड़मेर जिले के सेड़वा में एमडी फैक्ट्री पकड़ी गई थी। इसका यही सूत्रधार है। मार्केटिंग हेड, रिसर्च एंड टेक्निकल पोस्ट भी बनाई एटीएस IG विकास कुमार ने बताया- गैंग में सभी की अलग-अलग भूमिका तय थी। रमेश फाइनेंस और कोऑर्डिनेटर था। मांगीलाल फैक्ट्री हैड था। बिरजू टेक्नीक और रिसर्च हेड था। शिव ऑपरेशन चीफ, राजू रॉ मटेरियल और प्लांट हेड, गणपत सिक्योरिटी संभालता था। वहीं मास्टरमाइंड कार्तिक सेल्स और मार्केटिंग हेड था। इन्होंने कॉर्पोरेट स्टाइल में टीम बनाकर सबसे जोधपुर के कुड़ी इलाके में एमडी की फैक्ट्री लगाई वह चालू होने के पहले पकड़ी गई। फिर दूसरा प्रयास बाड़मेर के सेड़वा इलाके में मांगीलाल के ठिकाने पर फैक्ट्री लगाई वह भी शुरू होने से पहले पकड़ी गई। फरार आरोपी पर 1 लाख का इनाम आईजी विकास कुमार ने बताया- कार्तिक ने सभी गैंग सदस्यों को मिलाने का काम कार्तिक ने ही किया। पुणे जेल में कार्तिक बिरजु शुक्ला से मिला। वहीं एमडी का धंधा राजस्थान में करते हुए रमेश और मांगीलाल को भी साथ ले लिया। मांगीलाल और बिरजु पहले गिरफ्तार हो चुके है जबकि रमेश की गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपए का इनाम है और राजू की गिरफ्तारी पर 40 हजार रुपए का इनाम है। कार्तिक ने ही महाराष्ट्र ले जाकर सभी गैंग सदस्यों को साथ बैठाकर बड़ी प्लानिंग बनाई। राजू मांडा, रमेश और मांगीलाल साला-बहनोई है। वहीं कमलेश और सुरेश सगे भाई हैं। 20 करोड़ की MD सप्लाई होनी थी फैक्ट्री के लिए मशीन महाराष्ट्र और गुजरात से लाए जा रहे थे वहीं आवश्यक केमिकल महाराष्ट्र के महाद इलाके से लाया जा रहा था। प्लानिंग के अनुसार बाड़मेर की स्थापित फैक्ट्री में प्रत्येक तीसरे-चौथे दिन 10 किलो एमडी तैयार कर राजस्थान के और फिर समीपवर्ती इलाकों में सप्लाई की जानी थी। हर माह में करीब 20 करोड़ की एमडी तैयार कर पूरे राजस्थान में एमडी सप्लाई करने की प्लानिंग थी। एंटी गैंग ने की ATS की मदद पूछताछ में सामने आया कि बाड़मेर और जैसलमेर के इलाके में एमडी का कारोबार करने वाला एक दूसरी गैंग भी थी जिससे कार्तिक की बिल्कुल नहीं बनती थी। फैक्ट्री लगाने के लिए प्लानिंग तैयार होते ही एंटी गैंग ने सेल्स हेड का काम मांगा था। लेकिन, जैसे ही मालूम चला कि इसमें कार्तिक शामिल है तो अलग हट गए। इसके बाद ATS को कार्तिक को पकड़वाने में गैंग के एक मेंबर ने मदद की। उसके संभावित ठिकानों के बारे में बताते रहे। इसके बाद एटीएस टीम को सूचना दी कि कार्तिक एमडी बेचने के पैसों के हिसाब किताब करने जैसलमेर के सांगड़ थाना इलाके कुड़ा गांव में आएगा। टीम ने सुबह दबिश देकर कार्तिक तक पहुंचकर दबोच लिया। उसके पास 1 लाख से ज्यादा कैश रुपए मिले जो संभवत: एमडी की ब्रिकी से मिली है। लत लगी तो MD का बिजनेस शुरू किया पुलिस के अनुसार, कार्तिक पुत्र सदराम बाड़मेर के धोरीमन्ना इलाके का रहने वाला है। इसके खिलाफ करीब आधा दर्जन मामले तीन अलग-अलग राज्यों में चल रहे हैं। पुलिस पूछताछ में बताया कि कमलेश ने पहले अवैध हथियारों का धंधा शुरू किया। इस दौरान एमडी की लत लग जाने और एमडी के धंधे में ज्यादा लाभ देखकर यही शुरू कर दिया। देखते ही देखते सीमावर्ती इलाके में एमडी के धंधे का सरगना बन गया। कमलेश का सगा भाई सुरेश भी इस धंधे में करीबी साझेदार बन गया। तीन राज्यों की जेलों में रह चुका है शुरुआत में आरोपी कमलेश उर्फ कार्तिक मध्यप्रदेश के खरगौन इलाके से अवैध हथियार लेकर राजस्थान में सप्लाई करता था। इस दौरान मध्यप्रदेश में भी पकड़ा गया था। महाराष्ट्र के पुणे इलाके में मादक पदार्थ के साथ पकड़ा जा चुका है। पुर्ण की ही जेल में उसका संपर्क एमडी के धंधे के अन्य सूत्रधारों से हुआ था। फिर कॉपोर्रेट स्टाइल एमडी का कारोबार राजस्थान में चलाने की योजना बनाई थी। जैसलमेर में सूर्या होटल से कारोबार बरसों से कमलेश जैसलमेर और बाड़मेर इलाके में एमडी सप्लाई कर रहा था। इस काम में उसका भाई सुरेश भी उसके साथ रहता था। दोनों ने मिलकर जैसलमेर में एक होटल सूर्या भी खोल रखा था। जहां से उसका धंधा संचालित होता था। —- राजस्थान में एमडी ड्रग्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… किताब पढ़कर बनाने वाले थे 100 करोड़ की ड्रग्स:10 लाख में खेत का सौदा किया था; 3 और इलाकों में MD फैक्ट्रियों का इनपुट 40 करोड़ की ड्रग्स बननी थी, मुंबई से लाए मशीनें-केमिकल:भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बनाई फैक्ट्री, शुरू होने के एक दिन पहले ही रेड भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी:धोरों में सुनसान इलाके में चल रहा था अवैध कारोबार, 2 तस्कर पकड़े राजस्थान के दो साइंस-टीचर्स ने फ्लैट में खोली ड्रग्स फैक्ट्री:एक सरकारी स्कूल में पोस्टेड, दूसरा RAS की कर रहा तैयारी, 2.34 करोड़ की एमडी मिली

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