बाड़मेर गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं फीस बढ़ोतरी कॉलेज गेट के आगे ताला लगाकर कॉलेज के आगे सड़क पर धरने पर बैठ गए। वहीं रास्ते को बंद कर दिया। जिला कलेक्टर, यूनिवर्सिटी और VC के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी लगने पर डीएसपी अरविंद जागिड़ और कोतवाल मनोज कुमार समेत पुलिस जाब्ता मोके पर पहुंचा। कॉलेज प्रिसिंपल ने यूनिवर्सिटी के वीसी से फोन करके स्पीकर पर स्टूडेंट से बात करवाई। लेकिन स्टूडेंट फीस कम करवाने की मांग पर अड़े हुए हे। स्टूडेंट ने बीते तीन घंटे से अपनी मांगों को लेकर सड़क पर बैठे है। गर्ल्स स्टूडेंट का कहना है कि कॉलेज की फीस अचानक 3 गुना बढ़ा दी है। जो सरासर गलत है। हम गांव से आकर यहां पढ़ते है तो इतनी बढ़ी हुई फीस भर नहीं सकते है। दरअसल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बाड़मेर के बैनर तले शनिवार को बाड़मेर गर्ल्स कॉलेज गेट का ताला लगाकर स्टूडेंट सड़क पर धरने पर बैठ गए। कॉलेज के अंदर न लेक्चरर और प्रिंसिपल को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। वहीं कॉलेज के कुछ स्टाफ अंदर खड़े नजर आए। स्टूडेंट कहना है कि यूनिवर्सिटी पहले प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क 1200 से 1400 रुपए लेता था। अब उसको बढ़ाकर 3100 से 3300 रुपए कर दिया है। जो अनैतिक और अव्यावहारिक है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शिक्षा को अपना व्यापार बना दिया है। डीएसपी और कोतवाल पहुंचे सूचना मिलने पर डीएसपी अरविंद जागिड़ और कोतवाल मनोज कुमार समेत पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। डीएसपी ने कॉलेज प्रशासन व स्टूडेंट से बातचीत की। छात्राएं कॉलेज फीस कम करने की मांग कर रहे है। कॉलेज के आगे रास्ता बंद होने से आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वीसी से तीन बार करवाई बातचीत प्रिसिंपल मुकेश पचौरी ने यूनिवर्सिटी के कुलगुरू को फोन किया। स्पीकर पर रखकर छात्राओं से बात करवाई। वीसी ने कहा आपकी फीस को 800 रुपए कम कर दिया गया है। लेकिन स्टूडेंट पहले वाली फीस को यथावत रखने की मांग कर रहे है। तीन गुणा बढ़ी है उसको कम करने की मांग पर अड़ हुए है। दो बार प्रिसिंपल का वीसी ने फोन नहीं उठाया। वहीं तीसरी बार डीएसपी अरविंद जागिड़ ने फोन लगाया बच्चियां से बात करवाई, बच्चिचों ने कहां फीस पुरानी यथावत रखी जाए। प्रिसिंपल मुकेश पचौरी ने कहा कि 850 एक बार में कम कर दिए गए है। और भी कम करने की तैयारी की जा रही है। छात्राओं को किसी तरह की परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। कुलगुरू और यूनिवर्सिटी गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने बच्चियों को आश्वासन दिया है।


