भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने अपनी कॉलोनियों के जन सुविधाओं के प्लॉट्स को अब नयी कैटेगरी में शामिल कर, इन्हें बेचने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे लेकर बुधवार को कॉलोनी के निवासी जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ऑफिस पहुंचे और कार्यकारी अधिकारी राजेश चौधरी को एतराज पत्र सौंपा। सूर्या एन्क्लेव वेलफेयर सोसायटी के डेलिगेशन प्रधान राजीव धमीजा ने कहा कि सूर्या एनक्लेव और महाराजा रंजीत सिंह एवेन्यू कॉलोनियों की योजना बनाते समय इनके अंदर नर्सिंग होम, वृद्धाश्रम, विद्यालय, कम्युनिटी सेंटर की सुविधा रखी गई थी। यही कारण था कि तमाम लोगों ने सरकारी कॉलोनी के अंदर प्लॉट खरीदे। अब इन प्लॉट की जगह अगर दूसरे निर्माण होंगे तो कॉलोनी निवासियों को सुविधा नहीं मिलेगी। कार्यकारी अधिकारी चौधरी को दिए गए आपत्ति पत्र में यह भी दर्शाया गया है कि लगभग दो दशक बीत गए, मगर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं कीं। अब सार्वजनिक सुविधाओं वाले प्लॉट का दूसरा इस्तेमाल करना गलत है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने इन स्थलों को रेजिडेंशियल तथा कॉमर्शियल करने का प्रस्ताव बनाया है। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 के अंतर्गत समानता के सिद्धांत का उल्लंघन है। डेलीगेशन में सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य मुरली मनोहर महाजन, डॉ. ओम दत्त शर्मा, मदन लाल, मनीष शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे। 1. इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने जो पब्लिक नोटिस संख्या जारी कर प्लॉट की श्रेणी बदलने का प्रस्ताव दिया है, इसे रद्द करें। 2. सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि के किसी भी प्रकार के चेंज ऑफ लैंड यूज यानी भूमि उपयोग परिवर्तन को हमेशा के लिए प्रतिबंधित किया जाए। 3. नर्सिंग होम, वृद्धाश्रम, विद्यालय एवं अन्य सामुदायिक सुविधाओं का विकास मूल स्वीकृत लेआउट प्लान, मास्टर प्लान एवं लागू विधिक प्रावधानों के अनुरूप अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।


