राजनांदगांव के बजरंगपुर नवागांव स्थित प्रिंसेस प्लैटिनम कॉलोनी में नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। कॉलोनाइजर ने नगर निगम में बंधक रखे प्लॉट नंबर 11 और 12 को अवैध रूप से बेच दिया। कॉलोनी निर्माण के लिए नगर निगम से अनुमति ली गई थी। कॉलोनाइजर ने निगम के साथ एक अनुबंध किया था। इसके तहत प्लॉट नंबर 11, 12, 13 और 14 को निगम के पास बंधक रखा गया था। यह बंधक कार्यपूर्णता प्रमाण जारी होने तक रहना था। कॉलोनाइजर ने बंधक पत्र का उल्लंघन करते हुए सितंबर 2017 में प्लॉट नंबर 11 और 12 को 10 लाख रुपये में बेच दिया। निगम ने 2019 में पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिया। कॉलोनी में रोड और गार्डन को लेकर विवाद शुरू हुआ। शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई दीपा रामटेके ने अन्य कॉलोनी वासियों के साथ मिलकर शिकायत की। सूचना के अधिकार से बंधक पत्र की जानकारी मिली। 2021 में निगम और कलेक्टर से शिकायत की गई। कई पत्र लिखने के बाद भी निगम ने सिर्फ सूचना पत्र जारी कर मामले को दबा दिया। हाईकोर्ट की सख्ती, 30 दिनों में कार्रवाई के निर्देश दीपा रामटेके ने अधिवक्ता लवकुमार के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने कॉलोनाइजर और निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। हाईकोर्ट ने निगम को 30 दिन के भीतर कॉलोनाइजर पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। एफआईआर की मांग, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की दरकार
आवेदिका की मांग है कि कॉलोनाइज़र सहित नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी और इंजीनियरों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि निगम की लापरवाही और मिलीभगत के कारण एक गंभीर भूमि घोटाले को वर्षों तक अनदेखा किया गया, जिससे न केवल कानून की अवहेलना हुई बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी टूटा।


