रायपुर जिले के तिल्दा में धान घोटाले का मामला सामने आया है। टोहड़ा समिति के प्रभारी रविप्रकाश दुबे को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह समिति के लिपिक कान्हा वर्मा को नया प्रभारी बनाया गया है। सहकारिता विस्तार अधिकारी शशांक बल्लेवार की जांच में पता चला कि समिति में 519 क्विंटल धान गायब है। जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि रविप्रकाश दुबे ने पिछले साल भी 444 क्विंटल धान का घोटाला किया था। हालांकि, तब उन्होंने कार्रवाई से पहले ही पैसा जमा कर मामले को रफा-दफा कर दिया था। राज्य सरकार की धान खरीदी योजना 31 जनवरी को समाप्त हुई। मार्कफेड की रिपोर्ट के अनुसार, रायपुर जिले की 48 समितियों में अब तक 18,230 क्विंटल धान का शॉर्टेज है। इस मामले में कलेक्टर ने सहकारिता विभाग, मार्कफेड, खाद्य विभाग और कॉपरेटिव बैंक को जांच का आदेश दिया है। उप पंजीयक सहकारिता विभाग के निर्देश पर टोहड़ा समिति के अध्यक्ष नरसिंह वर्मा ने शाखा प्रबंधक की मौजूदगी में रविप्रकाश दुबे को बर्खास्त करने की कार्रवाई की। रायपुर जिले में धान घोटाले की यह पहली बड़ी कार्रवाई है।


