कोंडागांव तहसील कार्यालय में ब्रिटिश काल की एक अनूठी विरासत आज भी मौजूद है। यह है रेल की पटरी से बनी एक घंटी, जो अब इतिहास का जीवंत गवाह बन गई है। कार्यालय में आने वाले लोग इस घंटी को देखकर आश्चर्यचकित होते हैं। वे इसकी तस्वीरें खींचते हैं। यह घंटी ब्रिटिश काल में कार्यालय का समय और अनुशासन तय करती थी। हालांकि अब इसका नियमित उपयोग नहीं होता। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस घंटी को फिर से बजाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सरकारी कार्यालयों में काम के दिन 6 से घटकर 5 हो गए हैं। ऐसे में यह घंटी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने की याद दिला सकती है। सरकारें बदलीं, लेकिन यह घंटी नहीं पूर्व तहसीलदार विजय मिश्रा, जो 2 वर्ष पहले यहां पदस्थ थे, ने बताया कि यह घंटी ब्रिटिश काल से ही कार्यालय में टंगी हुई है। समय बीतने के साथ सरकारें बदलीं, लेकिन यह घंटी आज भी अपनी जगह पर मौजूद है। कार्यालय के कर्मचारी इसे गर्व से आगंतुकों को दिखाते हैं। यह घंटी न केवल एक ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन का प्रतीक भी है। यह एक सदी पुरानी कार्य संस्कृति की याद दिलाती है, जब समय का पालन बेहद सख्ती से कराया जाता था।


