कोंडागांव में NH-30 किनारे साल के पेड़ों की अवैध कटाई:राजस्व और वन विभाग एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी, दबंगों पर कोई कार्रवाई नहीं

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड स्थित ग्राम मांझीआठ में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किनारे पुराने साल के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय दबंगों ने बिना किसी अनुमति के पेड़ों की कटाई की, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि पेड़ों की कटाई के लिए किसी के पास कोई अनुमति नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद भी वन विभाग की टीम ने केवल औपचारिक दौरा किया। न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही एफआईआर दर्ज की गई। मामले में जिम्मेदार विभागों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वन विकास निगम के डिप्टी रेंजर बापी साहा ने कहा, हमारे कॉरपोरेशन के जंगल इस क्षेत्र में नहीं आते। यह राजस्व की भूमि है, हमारी कोई भूमिका नहीं बनती।”फिर भी जांच के रहे है। फरसगांव के एसडीएम अश्वन पोसम ने कहा, यह क्षेत्र कॉरपोरेशन के जंगलों के अंतर्गत आता है। जांच के आदेश दे दिए हैं, वन विभाग की टीम भेजी गई है, कार्रवाई होगी। विभागों के बीच इस विवाद का फायदा स्थानीय दबंग उठा रहे हैं। सरकार एक ओर पेड़ों को मां का दर्जा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर खुलेआम पेड़ों की कटाई हो रही है। एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *