कोई नहीं जानता, किस विभाग की है बिल्डिंग

बेचिरागी गांव में बना िदया गया है सरकारी भवन भास्कर न्यूज| चाईबासा सरकारी पैसों की बर्बादी का ताजा उदाहरण पंचायतों में खुलेआम दिखता है। यूं ही कई तरह के सरकारी भवन इसलिए बना दिए जाते हैं िक पैसों की निकासी हो जाए और जेब गर्म हो जाय। ताजा मामला चक्रधरपुर प्रखंड के सिमिदीरी पंचायत के बेचिरागी गांव डुमरीपोदा में बना एक सरकारी भवन है। हालांकि ये कोई सटीक नहीं रहा है कि एक नाले के किनारे बाउंड्री के साथ बना यह भवन किस विभाग ने बनाया। क्यों बनाया? किस लिए बनाया गया? और अब इस भवन का जिम्मेदार कौन है, इसे कोई नहीं बता सकता। भवन बनकर तैयार है। अब टूट फूट के कगार पर भी पहुंच चुका है। इसका अब तक कोई सदुपयोग नहीं हो पाया है। स्थानीय गांव वाले भी इस बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं। बनालता से फूलकानी गांव जाने के रास्ते में यह भवन डुमरीपोदा नामक एक बेचिरागी गांव में बना है। भवन का गेट आदि भी टूट गया है। सिमिदीरी पंचायत के बनालता गांव से सटा है डुमरीपोदा गांव। सरकारी खतियान में ये बेचिरागी गांव है। जहां कभी आबादी थी, लेकिन अब नहीं है। ऐसे में इस गांव के एक भूखंड पर एक सरकारी भवन दस साल पहले किसी विभाग के ठेकेदार ने बना दी है। इस पर वर्तमान के प्राक्कलन का आकलन करें तो लगभग 50 लाख होगा। भवन बनाने के बाद कोई बोर्ड भी नहीं लगा है। भवन का स्ट्रक्चर अस्पताल की तरह है। बेचिरागी गांव में चिराग नहीं, खर्च 50 लाख पंचायत में सड़क की जरूरत : सिमिदीरी पंचायत से शहर की दूरी चार से पांच किमी है। वहीं यह पंचायत टोकलो रोड, झरझारा केरा रोड के अलावा आसनतलिया कोर्ट से सुकूरूडीह के रास्ते खराब सड़कों से जुड़ी है। स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से बाइपीड़ से बनालता भाया चांदनी चौक, बनमालीपुर रूंगसाई से गोदामढीपा होकर फूलकानी चौक तक सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।

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