कोई “प्यार’ के पीछे सरहद पार से आया था, कोई वीजा खत्म होने पर भी नहीं लौटा

भास्कर न्यूज | अमृतसर भारत सरकार की ओर से शुक्रवार कोसजा पूरी होने पर 5 पाकिस्तानी कैदियों को उनके वतन भेज दिया गया। यह कैदी अटारी-वाघा बार्डर के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना हुए। कोई प्यार के चक्कर में सीमा लांघकर आया था तो कोई वीजा खत्म होने पर नहीं लौटा था। कुछ कैदियों ने 2 तो कुछ ने 17 साल तक सजा काटी। इस मौके प्रोटोकोल अधिकारी अरुण माहल ने बताया कि भारत सरकार की ओर से 5 पाकिस्तानी कैदी को छोड़ा गया है। कैदी अलग-अलग जेलों में बंद थे। खादिम हुसैन ने बताया कि वह गलती से दरिया में मछलियों को पकड़ते हुए भारत के बार्डर में दाखिल हो गया था। गुजरात की पुलिस ने उसे काबू कर लिया और 5 साल वह जेल में बंद रहा। सजा पूरी करने के बाद वह अब पाकिस्तान जा रहा है। इसी तरह जाफर हुसैन ने बताया कि वह जासूसी केस में पकड़ा गया था। 17 साल से राजस्थान के अलवर जेल में बंद था। वह शादीशुदा है। उसकी पत्नी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहती है। वहीं नंद लाल जोकि सिंध प्रांत का रहने वाला है। उसने बताया कि भारत के राजस्थान में उसकी जमीन है, जिस पर रिश्तेदारों ने कब्जा किया था। अपनी जमीन छुड़वाने के लिए भारत में वीजा पर आया था। मगर वीजा खत्म हो गया था और उसके रिश्तेदारों ने पुलिस को सूचित कर उसे जेल ​ि भजवा दिया था। 7 साल की सजा को पूरा करने के बाद वह अब अपने मुल्ख जा रहा है। उसके 5 बच्चे हैं। वह भारत की नागरिकता चाहता था, लेकिन उसे नहीं मिली। उसकी जमीन भारत में है। वह केंद्र सरकार से अपील करता है उसे नागरिकता दी जाए।

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