गोपालपुरा बाईपास स्थित कोचिंग में बच्चों के बेहोश होने के कारणों का पता लगाने वाली ग्रेटर निगम कमेटी ने आयुक्त को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच के लिए गठित 6 सदस्य जांच कमेटी की विस्तृत रिपोर्ट में किसी तरह की लापरवाही या संदिग्ध गतिविधि के प्रमाण नहीं मिले हैं। बहरहाल, निगम की जांच रिपोर्ट में छात्र संख्या ज्यादा होने का हवाला जरूर दिया गया है, लेकिन इसके अलावा और कोई अनियमितता नहीं मिलने की भी बात कही गई है। ऐसे में फिलहाल निगम की ओर से कोचिंग सेंटर को क्लीन चिट मिल गई है। साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिरकार ये बच्चे बेहोश कैसे हुए। बता दें कि 15 दिसंबर को गोपालपुरा बाईपास स्थित कोचिंग सेंटर में पढ़ने के दौरान छात्र-छात्राओं सहित 10 जने बेहोश हो गए थे। इसके अगले दिन कोचिंग पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इसे सील किया गया था। एफएसएल की टीम ने यहां से सीवरेज के पानी और डस्ट के सैंपल भी लिए थे। साथ ही ग्रेटर नगर निगम ने जांच के लिए एक छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। अब इस जांच कमेटी की ओर से दी गई रिपोर्ट में निगम कोई खुलासा नहीं कर पाया है। शॉर्टसर्किट या फिर एसी से गैस रिसाव जैसा कुछ नहीं मिला भवन विनिमय संबंध जांच जेडीए करे : इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा किया गया है कि ये बिल्डिंग जयपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्राधिकार में आती है। ऐसे में भवन विनियम संबंधी जांच जयपुर विकास प्राधिकरण को ही करनी है।


