कोटपूतली क्षेत्र में बिना लाइसेंस संचालित हो रहे ऑनलाइन कंपनियों के कृषि उत्पाद क्रय-विक्रय केंद्रों पर कृषि मंडी सचिव रामफूल ने निरीक्षण किया। विभागीय अनुमति के बिना कार्य करने की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर आधा दर्जन कलेक्शन केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं। दिल्ली एनसीआर में हो रही ऑनलाइन बिक्री जानकारी के अनुसार, पावटा उपखंड क्षेत्र में स्थित इन कलेक्शन सेंटर्स पर प्रतिदिन गाजर, गोभी, टमाटर, बैंगन, खीरा, कच्ची हल्दी और आंवला सहित विभिन्न कृषि उत्पादों की खरीद की जाती है। इन उत्पादों को दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम भेजकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचा जाता है। बिना लाइसेंस के बेच रहे सब्जियां कृषि विपणन अधिनियम के नियमानुसार, अधिसूचित कृषि उत्पादों के क्रय-विक्रय के लिए अनुज्ञा पत्र (लाइसेंस) लेना अनिवार्य है। हालांकि, निरीक्षण के दौरान किसी भी संग्रहण केंद्र के पास मंडी कार्यालय से जारी कोई वैध अनुमति या लाइसेंस नहीं पाया गया। तीन महीने सजा और जुर्माने के प्रावधान कृषि मंडी सचिव रामफूल ने बताया- बिना अनुज्ञा पत्र के अधिसूचित कृषि उत्पादों का व्यापार करने पर मंडी शुल्क और कृषि कल्याण शुल्क सहित राजस्व जमा नहीं होता है। ऐसे मामलों में तीन महीने तक का सिविल कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। सात दिनों में मांगा रिकॉर्ड निरीक्षण के दौरान लाइसेंस नहीं मिलने पर संबंधित केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें 7 दिन के भीतर अनुज्ञा पत्र और व्यापार से संबंधित सभी रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त रिकॉर्ड के आधार पर शुल्क की गणना कर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


