कोटा में कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। कोटा कांग्रेस कार्यालय में उस समय हंगामा मच गया जब एआईसीसी के संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त पर्यवेक्षक और तेलंगाना के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जेट्टी कुसुमा कुमार बैठक लेने पहुंचे। बैठक में कोटा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदारों से आवेदन लेने के लिए आयोजित की गई थी। बैठक की शुरुआत शांतिपूर्ण माहौल में हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद माहौल गरमा गया। पूर्व मंत्री और कोटा उत्तर से विधायक शांति धारीवाल और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख दोनों नेताओं ने समर्थकों से शांत रहने की अपील की, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उनकी एक न सुनी और नारेबाजी तेज़ होती गई। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि शांति धारीवाल बैठक छोड़कर कार्यालय से बाहर निकल गए। हंगामा यहीं नहीं थमा थोड़ी देर बाद महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राखी गौतम के समर्थक भी सक्रिय हो गए और उन्होंने भी नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, पर्यवेक्षक जेट्टी कुसुमा कुमार ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और कहा कि यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश है, गुटबाजी नहीं। उन्होंने बताया कि संगठन सृजन अभियान के तहत जिलेभर के कार्यकर्ताओं से रायशुमारी ली जा रही है, ताकि जिला अध्यक्ष की नियुक्ति जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की पसंद के अनुसार की जा सके। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों से आवेदन लिए जा रहे हैं, उसके बाद सभी से फीडबैक लिया जाएगा और 31 अक्टूबर तक नए जिला अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। कोटा कांग्रेस की यह बैठक कार्यकर्ताओं के जोश के साथ-साथ गुटबाजी की तस्वीर भी पेश कर गई, जिसने संगठन की आंतरिक चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया।


