विधायक बोलीं- मेरा प्रोटोकॉल चीफ-सेक्रेटरी से ऊपर:लेकिन मुझसे अपराधी जैसा सलूक किया; झुंझुनूं में PHC का उद्घाटन करने पहुंची थी, धक्का-मुक्की हुई

झुंझुनूं में रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भवन के लोकार्पण समारोह में हंगामा हो गया। मंडावा से कांग्रेस विधायक रीटा चौधरी और प्रशासनिक अधिकारी आमने- सामने हो गए। धक्का-मुक्की हुई। नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन मुर्दाबाद और भाजपा सरकार हाय-हाय के नारे लगाए। विधायक ने एएसपी हेमंत सिंह से कहा- कल तक ऐसा क्या हो गया कि आपको इतनी बड़ी पुलिस फोर्स लगानी पड़ी? यह सरकारी बिल्डिंग है, कोई अपराध स्थल नहीं। आपने छावनी बना दी है। विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने टेंट उखाड़ दिए, कुर्सियां हटवा दीं, और उन्हें भवन के अंदर जाने से रोक दिया। मुझे धक्का-मुक्की कर बाहर निकाला गया। विधायक का प्रोटोकॉल चीफ सेक्रेटरी से ऊपर होता है, लेकिन मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे मैं कोई अपराधी हूं। दरअसल, चुड़ैला गांव में विधायक रीटा चौधरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भवन का लोकार्पण करने पहुंचीं थी। लेकिन ऐन वक्त पर बैरिकेडिंग कर दी गई। विधायक और उनके समर्थकों को लोकार्पण करने से रोक दिया गया। इसके बाद हंगामा और नारेबाजी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। फिर अचानक रविवार सुबह प्रशासन ने कार्यक्रम रोकने का आदेश क्यों दिया? वहीं एहतियात के तौर पर मौके पर 3 थानों की पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। पहले देखिए… घटना से जुड़ी तस्वीरें विधायक बोलीं- किस आदेश के तहत मुझे लोकार्पण से रोका
विधायक रीटा चौधरी जैसे ही मंच की ओर बढ़ीं, पुलिस और अफसरों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस पर विधायक ने एसडीएम सुमन देवी से पूछा- आपको आम आदमी के टैक्स से सैलरी मिलती है, आप क्या समझती हैं अपने आप को? किस आदेश के तहत मुझे रोका जा रहा है? विधायक ने कहा- भाजपा सरकार हारे हुए उम्मीदवारों के दबाव में काम कर रही है। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन जनता का अपमान नहीं होना चाहिए। यह पीएचसी मैंने कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत करवाई थी, पैसा मंजूर करवाया, काम शुरू करवाया। ग्रामीणों की इच्छा थी कि इसका उद्घाटन मैं करूं, लेकिन प्रशासन ने साजिशन कार्यक्रम रुकवा दिया। एसडीएम बोलीं- विभागीय निर्देशों की पालना कर रहे हैं
मामले में मलसीसर एसडीएम सुमन देवी ने कहा- केवल विभागीय निर्देशों की पालना कर रहे हैं। चिकित्सा विभाग से स्पष्ट निर्देश हैं कि जब तक भवन का पूरा हैंडओवर नहीं हो जाता, तब तक लोकार्पण नहीं किया जा सकता। यह कोई राजनीतिक निर्णय नहीं है, बल्कि सरकारी प्रक्रिया का पालन है। रैली निकाल विरोध प्रदर्शन किया
वहीं पीएचसी पर कार्यक्रम रुकने के बाद विधायक और ग्रामीणों ने करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी रैली निकाली। प्रशासन मुर्दाबाद और भाजपा सरकार हाय-हाय के नारे लगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुड़ैला सरपंच बिमला तिलोटिया के पुत्र राजीव तिलोटिया और ग्रामवासियों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को राजनीतिक कारणों से बाधित किया जा रहा है। रैली में चुड़ैला, वाहिदपुरा, भीमसर और आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। सरपंच बोली- तीन महीने पहले ही हैंडओवर हो चुका
चुड़ैला सरपंच बिमला तिलोटिया ने कहा- भीमसर और वाहिदपुरा के साथ चुड़ैला पीएचसी को तीन महीने पहले विभाग को सौंप दिया गया था। तब किसी ने यह नहीं कहा कि हैंडओवर अधूरा है। अब अचानक राजनीतिक दबाव में कार्यक्रम रोकना अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे गांव में विकास कार्य भाजपा को बर्दाश्त नहीं हो रहे, इसलिए प्रशासन का इस्तेमाल कर उद्घाटन रुकवाया गया। इस बीच जब प्रशासनिक अधिकारियों ने भवन का उद्घाटन करने की अनुमति नहीं दी, तो विधायक ने ग्राम पंचायत भवन में एक टेबल पर उद्घाटन पट्टिका रखकर प्रतीकात्मक रूप से उद्घाटन किया। सीएमएचओ ने कहा- फाइनल जांच अभी बाकी
सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया- भवन का सिविल हिस्सा पूरा हो गया है, लेकिन इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन और उपकरणों की फाइनल जांच बाकी है। जब तक विभाग को भवन औपचारिक रूप से सौंपा नहीं जाता, तब तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं की जा सकतीं।

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