राजस्थान पुलिस मुख्यालय की विजिलें शाखा ने पुलिस थानों की कार्यप्रणाली में सुधार और बजरी के अवैध खनन, परिवहन व भंडारण पर रोक लगाने के उद्देश्य से 18 और 19 दिसंबर को राज्यभर में डिकॉय ऑपरेशन चलाया गया। ADG ( विजिलेंस) के निर्देशन में 11 अलग-अलग टीमों का गठन कर विभिन्न जिलों में यह कार्रवाई की गई। इसके बाद कुन्हाड़ी थाने के सीआई मांगेलाल यादव और नान्ता के चेतन शर्मा को लाइन हाजिर किया। डिकॉय ऑपरेशन के दौरान में गंभीर लापरवाही सामने आने पर 21 दिसंबर को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। जयपुर दक्षिण के शिवदासपुरा, टोंक के पीपलू व बरौनी, अजमेर के पीसांगन और धौलपुर के कोतवाली थाने में पदस्थापित कुल 5 थानाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा भीलवाड़ा के गुलाबपुरा, कोटा शहर के कुन्हाड़ी व नान्ता, दौसा के लालसोट, चित्तौड़गढ़ के गंगरार और जोधपुर पश्चिम के लूणी थाने के थानाधिकारियों को लाइन हाजिर करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विजिलेंस शाखा ने स्पष्ट किया है कि बजरी के अवैध कारोबार में पुलिसकर्मियों की किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे पहले नवंबर 2025 में भी एफआईआर पंजीकरण, आम जनता से व्यवहार, महिला डेस्क, साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था जैसे बिंदुओं पर डिकॉय ऑपरेशन किए गए थे। इस दौरान 11 थानों के 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।


