कोटा महोत्सव में दिखा राजस्थानी रंग:धन्नालाल ने साढ़े सात फीट लंबी मूंछों पर ताउ लगाया, महिला ने दोनों हाथों से तलवार चलाई

कोटा में तीन दिवसीय कोटा महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसका आज तीसरा और अंतिम दिन है। चंबल रिवर फ्रंट के शौर्य घाट पर कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। साफा प्रतियोगिता, मूंछ प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता हुई। रिवर फ्रंट पर आयोजित कार्यक्रम में महिला पिंकलता सुमन ने दोनों हाथों से तलवार चलाते हुए तलवारबाजी की। तलवार की कलाबाजी दिखाई। 25 दिसंबर छुट्टी वाले दिन आज बड़ी तादाद में शहर वासी चंबल रिवर फ्रंट पहुंच रहे हैं। चंबल रिवर फ्रंट पहुंचने के लिए लोगों को देर तक जाम में फंसना पड़ रहा है। रिवर फ्रंट पहुंचने के बाद भी कई लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। साफा प्रतियोगिता
कोटा महोत्सव में राजस्थान की परंपरा की शान के रूप में माने जाने वाले साफा की प्रतियोगिता शौर्य घाट पर आयोजित हुई। प्रतियोगिता में महिलाओं और पुरुषों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। साफा प्रतियोगिता में पहला स्थान भवानी सिंह को मिला। भवानी सिंह सिसोदिया ने बताया कि अब तक कई बड़े-बड़े वीआईपी लोगों को और उपराष्ट्रपति जगदीश धनकड़ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत कई मंत्रियों और विधायक को भी बांध चुके हैं साफा इन्होंने अपने पिता से साफा बांधना सीखा था। 2014 से साफा बांधते आ रहे हैं। कई जगह प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया हमेशा दूसरे स्थान पर ही रहे और पहली बार प्रथम स्थान कोटा महोत्सव में प्राप्त किया है। पहले अन्य जगहों पर दूसरे स्थान पर ही रहे। मूंछ प्रतियोगिता
पुरुषों की मूंछ प्रतियोगिता भी यहां पर आयोजित की गई। जिसमें साढे सात फीट लंबी मूंछों वाले धन्नालाल गुर्जर ने पहला स्थान प्राप्त किया। धन्ना लाल गुर्जर (72) ने बताया कि 2004 से ही मूंछों को लगातार बढ़ा रहे हैं। अभी मूंछों की लंबाई साढ़े सात फिट हो चुकी है। 23 सालों से लगातार मूंछों को बढ़ा रहे हैं। बच्चो की तरह खास ख्याल रखते हैं। अपने कलेजे के टुकड़े की तरह इसलिए किसी भी प्रकार का कोई काम नहीं करते। नहाने के बाद मूंछों को सरसों के तेल से मालिश करते है। मूंछों के रखरखाव में काफी घंटे लग जाते हैं। मूंछों के लिए कुर्ते के अंदर एक अलग से जेब भी बनवाई हुई है जो की सीने पर लगी रहती है। धन्नालाल ने बताया कि कोटा बूंदी,बारां,झालावाड़,भवानी मंडी, नागौर,पुष्कर, अजमेर और भी कई जगह होने वाली मूंछों की प्रतियोगिता में हमेशा प्रथम स्थान पर ही रहा हूं। और बूंदी की मूंछ प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल प्राप्त किया है। एक या दो जगह ही ऐसा हुआ है जब सेकंड आया हूं। परिवार में सभी को मूंछ बढ़ाने का शौक है। मूछें मेरे परिवार की शान है राजस्थान की शान है।धन्ना लाल गुर्जर जिले के ग्रामीण क्षेत्र सुल्तानपुर कस्बे के नरपतखेड़ी गांव के रहने वाले हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *