कोटा में एक अमेरिकी नागरिक को धर्मांतरण करवाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। आरोप है यूएस सिटीजन अपने ससुर के साथ मिलकर गरीब लोगों को पैसे और खाने का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहा था। कैलिफोर्निया (USA) के रहने वाले कोलीन पर वीजा उल्लंघन को लेकर केस भी दर्ज किया गया है। मामला कैथून के भीलों की टापरियां का है। एक हिंदू संगठन की शिकायत के बाद पुलिस ने 21 अप्रैल को गांव में हो रहे एक सामूहिक कार्यक्रम में छापेमारी की थी। आरोप है कि अमेरिका से आए ईसाई मिशनरी पूरे गांव का धर्म परिवर्तन कराने के कोशिश में थे। क्या है पूरा मामला… ब्रेनवॉश का आरोप, गांव के मुखिया के यहां कार्यक्रम मामले में जॉइंट इन्वेस्टिगेशन सेल बनाकर खुफिया एजेंसियां अमेरिकी नागरिक से पूछताछ कर रही हैं। आरोप है कि ईसाई मिशनरी से जुड़े जॉय मैथ्यू और उसके अमेरिकी निवासी दामाद कोलीन ने भील समाज के लोगों को भोज दिया था। सामूहिक भोज के जरिए भील समाज के लोगों का ब्रेनवॉश किया जा रहा था। उन्हें नॉनवेज खिलाकर क्रॉस पहनाए गए थे। कार्यक्रम गांव के मुखिया चौथमल के यहां हो रहा था। नॉनवेज खिलाकर धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप चौथमल ने बताया- जॉय मैथ्यू ने हमसे कहा कि उसके खेत पर जगह नहीं है। पहले तो हमने मना कर दिया। लेकिन जॉय ने कहा कि समाज के सभी लोग हमारे वहां एक साथ भोजन नहीं कर सकेंगे। इसके बाद मैंने मेरे खेत में कार्यक्रम की सहमति दी। उसका पूरा खर्चा ईसाई मिशनरी से जुड़े जॉय मैथ्यू ने उठाया था। खाना गांव के लोगों ने ही मिलकर बनाया था। नॉनवेज परोसे जाने की बात गलत है। गांव में किसी से भी पूछ लो। दाल बाटी, आलू की सब्जी और चावल बनाए थे। शाम 6 बजे खाना शुरू हुआ। कुछ देर बाद जॉय मैथ्यू, उसका दामाद कोलीन, कोलीन की पत्नी और बच्चे आए थे। कुछ देर रुक कर वे वापस जाने लगे, इसी दौरान बजरंग दल कार्यकर्ता पहुंच गए। थोड़ी देर में पुलिस भी आ गई थी। मैथ्यू कहता था- मुझसे जुड़ोगे तो फायदे में रहोगे चौथमल पिछले करीब एक साल से जॉय मैथ्यू के मकान और बगीचे की देखरेख करते हैं। धर्म परिवर्तन करने के लिए ब्रेनवॉश के सवाल पर चौथमल अपने गले में मां दुर्गा का लॉकेट दिखाते हुए बोले- मैं तो माता के मंदिर में सेवक का काम भी करता हूं। धर्म परिवर्तन के बारे में सोच भी नहीं सकता। चौथमल ने बताया- उस रात भी धर्म परिवर्तन जैसी तो ऐसी कोई बात नहीं हुई। लेकिन हां, जॉय मैथ्यू अक्सर हमसे यह कहता रहता था कि मुझसे जुड़े रहोगे तो हमेशा फायदे में रहोगे। गांव के ही हनुमान बताते हैं- मैथ्यू गांव में लोगों को राशन पानी देकर मदद करता था, इसलिए लोग उसके साथ जुड़ने लगे। हालांकि कभी किसी मदद करने के पीछे मकसद पर सवाल नहीं किए। अब बिना मकसद के तो कोई क्यों ऐसे करेगा? ग्रामीण दारा सिंह ने बताया कि जॉय मैथ्यू पूरे भील समाज के घरों में सामान की किट बांटता था। इसमें दस किलो आटा, एक किलो शक्कर, एक किलो दाल, तेल, मिर्च पाउडर, बिस्किट होते थे। कोटा में हॉस्टल, 3 साल से गांव में एक्टिव, जमीन भी खरीदी युवक अर्जुन ने बताया कि जॉय मैथ्यू मूल रूप से कोटा के रंगबाड़ी इलाके में रहता है, जहां वह हॉस्टल व स्कूल चलाता है। गांव से लोगों को कोटा बुलवाकर राशन सामग्री पैक करवाने का काम करवाता था। अब वहां क्या लालच दिया जाता था, इसकी जानकारी हमें नहीं है। मैथ्यू ने डेढ़ साल पहले भील बस्ती के बीच फार्म हाउस खरीदा था। वहां एक कमरा बनाकर सब्जियां उगा रखी हैं। सब्जियां भील समाज के घरों में भिजवाता है। कैथून थाना पुलिस के अनुसार लोगों के ब्रेनवॉश किए जा रहे थे। उन्हें भरोसा ईसाई मिशनरी की तरफ से हर मदद का भरोसा दिलाया जा रहा था। मकानों का रंग-रोगन करवाया, टीनशेड लगवाए, गांव में बना लिया बेस ग्रामीणों ने बताया कि गांव में भील समाज के यहां करीब 50 परिवार है। इनमें से दस से ज्यादा मकानों का रिनोवेशन मैथ्यू करवा चुका है। सबसे पहले चौथमल के मकान का ही रिनोवेशन करवाया था। समाज के लोगों को इंदिरा आवास योजना में जगह मिली हुई थी। पहले कच्चे घर थे। अब जॉय मैथ्यू ने मकानों पर प्लास्टर, कलर और टीनशेड लगवा दिए हैं। गांव के ही सीताराम मजदूरी करते हैं। जॉय मैथ्यू ने उसके घर पर टीनशेड लगवाया। रंग-पुताई करवाई। दामाद पर फंडिंग भेजने का अंदेशा, तीन बार आ चुका गांव कैथून पुलिस ने जॉय मैथ्यू के दामाद कोलीन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक कोलीन पहले भी दो बार गांव में आ चुका है। सबसे पहले तो राशन सामग्री बांटने के समय वह आया था, तब उसने कहा था कि भील समाज को अब कोई दिक्कत नहीं होगी। राशन की व्यवस्था हम करेंगे। इसके बाद मकानों के रिनोवेशन हुए, तब भी वह आया। वीडियो फोटो बनाकर ले गया था। तीसरी बार आया तो मैथ्यू ने कहा कि कोलीन गांव के लोगों को भोज देना चाहता है। सभी भील समाज के लोग एक जगह इकट्ठा होकर खुशी मनाएंगे। एजेंसियां कोलीन से पूछताछ कर चुकी हैं। हालांकि रिपोर्ट सामने नहीं आई है। लेकिन जांच टीम में शामिल रहे सूत्रों के अनुसार कोलीन ही कोटा में जॉय को राशन सामग्री और मकानों के रिनोवेशन के लिए फंड भेजता था। सोमवार को भोज के आयोजन पर जब कोलीन से सवाल पूछे गए तो उसका जवाब था कि वह गांव वालों के खाने का तरीका देखना चाहता था। आरोपी बोला- दामाद अमेरिका से गांव की जमीन देखने आया था जॉय मैथ्यू ने खुद पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए बताया कि गांव में हमारी जमीन है। वहां पर हम सब्जियां भी उगाते हैं। गांव में जाने के दौरान लोग मदद के लिए कह देते हैं तो उनकी मदद कर देते हैं। कुछ भील समाज के लोगों के मकान टूटे-फूटे थे तो उनके मकान का रिनोवेशन का काम करवाया था। इसके अलावा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह सारे गलत हैं। मेरा दामाद भी अमेरिका से आया था तो वह मेरे साथ गांव में जमीन देखने गया था। गांव वालों पर दबाव बनाकर गलत बयान करवाए गए। अमेरिकी नागरिक पर वीजा उल्लघंन का केस दर्ज कैथून थाने के सीआई संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि गांव में भील परिवार के लोगों के धर्म परिवर्तन, सभा और भोजन की शिकायत मिली थी। फिलहाल वीजा नियमों के उल्लंघन का मामला पुलिस ने दर्ज कर लिया है। जिसमें टूरिस्ट वीजा पर आने के बाद अवैध तरीके से ग्रामीणों को इकट्ठा कर बिना किसी सूचना के भोज के कार्यक्रम को करना आरोप माना है। धर्म परिवर्तन को लेकर इनकी क्या योजना थी, गांव में क्यों ये लोग सक्रिय थे, ये सब पूछताछ के बाद क्लियर होगा। कोलीन को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया था। कोटा में पहले भी आए हैं धर्म परिवर्तन कराने के मामले फरवरी 2024 : सांगोद के एक सरकारी स्कूल में हिंदू छात्रा के धर्मांतरण के आरोप शिक्षकों पर लगे थे। एक हिन्दू छात्रा के परीक्षा फॉर्म में साल 2019 से धर्म के कॉलम में शिक्षक इस्लाम लिख रहा था। स्कूल में जबरन नमाज अदा कराने के आरोप लगे थे। दो शिक्षकों को निलंबित किया गया था। दोनों के पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) संगठन से संबंध सामने आए थे। साल 2020 : प्रेमनगर इलाके के रहने वाले एक युवक के धर्मांतरण के आरोप लगे थे। विज्ञान नगर में चल रहे एक ईसाई मिशनरी में धर्म परिवर्तन के आरोप लगे थे। नवंबर 2024 : एक मूक बधिर बालिका को बरगला कर ले जाने और ईसाई धर्म में धर्मांतरण के प्रयास के आरोप लगे थे। बालिका को भीलवाड़ा में दस्तयाब कर लिया गया था। छात्रा को इंदौर में एक धर्मसभा में बुलाया गया था। विशेष सहयोग : मुकेश सोनी


